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कैथलः पंजाब और चंडीगढ़ के गर्वनर की पीए बताकर महिला ने 18 लोगों से 51 लाख रुपये ठगे
Thu, 21 Nov 2019 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
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Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब-चंडीगढ़ के राज्यपाल का पीए बताते हुए एक महिला ने 19 युवकों से हाईकोर्ट और हरियाणा पुलिस में क्लर्क और चतुर्थश्रेणी कर्मी के नाम पर भर्ती करने के नाम पर 51 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला ने खुद के खातों में लोगों से कई लाख रुपये जमा करवाए। इतना ही नहीं मुकेश भारद्वाज नामक व्यक्ति को सीएम कार्यालय में तैनात बताया और उसके खाते में भी कई लाख रुपये जमा करवाए। पुलिस ने ठगी के शिकार व्यक्तियों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
बड़सीकरी खुर्द निवासी सत्यवान की ओर से थाने में दी गई शिकायत में लिखा है कि आरोपी महिला राजबाला को पंजाब के मूणक के गांव सलीमगढ़ निवासी बताया है। उसके साथ-साथ पति कुलबीर तथा हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त बताए गए रोहतक के महम निवासी मुकेश भारद्वाज के अलावा तीन अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों के तहत केस दर्ज किया है।
कलायत थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि इनमें से एक आरोपी 2014 के चुनाव में उनके घर आया था। इसी बाद नजदीकियां बढ़ती गईं ।
वर्ष 2017 में उसने उसके छोटे भाई जगमेश को नौकरी लगवाने की बात कही। उसने कहा कि उसकी छोटी बहन राजा बाला पंजाब - चंडीगढ़ के गवर्नर हाऊस में पीए के पद पर कार्यरत है। वह उससे कहकर जगमेश की नौकरी लगवा देगा। बाद में कहा कि उसकी बहन ने कहा है कि गवर्नर वी पी सिंह बदनोर ने 12 लाख रुपये मांगे हैं। जिसमें से 6 लाख रुपये राजा को गांव बड़सीकरी में दे दिए। इसके बाद उसके सामने चंडीगढ़ में राजबाला के पति कुलबीर ने उक्त राशि 6 लाख रुपये राशि उसकी मौजूदगी में राजा से ले लिए।
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इसके बाद उसके फोन आते रहे। वह भर्तियों का नाम बताती रही, वह लोगों से बात कर उन्हें सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए कभी खुद, कभी बैंक खातों में, कभी नौकरी लगने वाले युवकों के माध्यम से उनके पास रुपये पहुंचाता रहा। एक-एक करके वर्ष 2018 तक 18 युवकों के नाम पर 51 लाख रुपये आरोपी महिला राजबाला और उसके लोगों को दे दिए। लेकिन एक भी युवक की नौकरी नहीं लगी। पहले वह रुपये वापिस देने की बात करती रही, बाद में वह रुपये देने से इंकार कर गए और अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
मुकेश भारद्वाज के खाते में भी जमा करवाई रकम
पीड़ित ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में कहा कि राजबाला के कहे अनुसार उसने एक बार 1 लाख 50 हजार रुपये, एक बार 2 लाख 40 हजार रुपये सहित कई बार सीएम के पीए बताए गए मुकेश भारद्वाज नामक व्यक्ति के खाते में भी जमा करवाए। ये रुपये हरियाणा ग्रुप डी की भर्तियों सहित अन्य भर्तियों में युवकों को भर्ती करवाए जाने के नाम पर जमा करवाए गए। लेकिन किसी भी युवक की नौकरी नहीं लगी। जिस कारण मजबूरन उसे पुलिस की शरण लेनी पड़ी। एसएचओ कलायत ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
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बड़सीकरी खुर्द निवासी सत्यवान की ओर से थाने में दी गई शिकायत में लिखा है कि आरोपी महिला राजबाला को पंजाब के मूणक के गांव सलीमगढ़ निवासी बताया है। उसके साथ-साथ पति कुलबीर तथा हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त बताए गए रोहतक के महम निवासी मुकेश भारद्वाज के अलावा तीन अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों के तहत केस दर्ज किया है।
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कलायत थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि इनमें से एक आरोपी 2014 के चुनाव में उनके घर आया था। इसी बाद नजदीकियां बढ़ती गईं ।
वर्ष 2017 में उसने उसके छोटे भाई जगमेश को नौकरी लगवाने की बात कही। उसने कहा कि उसकी छोटी बहन राजा बाला पंजाब - चंडीगढ़ के गवर्नर हाऊस में पीए के पद पर कार्यरत है। वह उससे कहकर जगमेश की नौकरी लगवा देगा। बाद में कहा कि उसकी बहन ने कहा है कि गवर्नर वी पी सिंह बदनोर ने 12 लाख रुपये मांगे हैं। जिसमें से 6 लाख रुपये राजा को गांव बड़सीकरी में दे दिए। इसके बाद उसके सामने चंडीगढ़ में राजबाला के पति कुलबीर ने उक्त राशि 6 लाख रुपये राशि उसकी मौजूदगी में राजा से ले लिए।
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इसके बाद उसके फोन आते रहे। वह भर्तियों का नाम बताती रही, वह लोगों से बात कर उन्हें सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए कभी खुद, कभी बैंक खातों में, कभी नौकरी लगने वाले युवकों के माध्यम से उनके पास रुपये पहुंचाता रहा। एक-एक करके वर्ष 2018 तक 18 युवकों के नाम पर 51 लाख रुपये आरोपी महिला राजबाला और उसके लोगों को दे दिए। लेकिन एक भी युवक की नौकरी नहीं लगी। पहले वह रुपये वापिस देने की बात करती रही, बाद में वह रुपये देने से इंकार कर गए और अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
मुकेश भारद्वाज के खाते में भी जमा करवाई रकम
पीड़ित ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में कहा कि राजबाला के कहे अनुसार उसने एक बार 1 लाख 50 हजार रुपये, एक बार 2 लाख 40 हजार रुपये सहित कई बार सीएम के पीए बताए गए मुकेश भारद्वाज नामक व्यक्ति के खाते में भी जमा करवाए। ये रुपये हरियाणा ग्रुप डी की भर्तियों सहित अन्य भर्तियों में युवकों को भर्ती करवाए जाने के नाम पर जमा करवाए गए। लेकिन किसी भी युवक की नौकरी नहीं लगी। जिस कारण मजबूरन उसे पुलिस की शरण लेनी पड़ी। एसएचओ कलायत ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।