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Kaithal News: चार टीमें करेंगी मिलों में धान में गड़बड़ी की जांच
Fri, 07 Nov 2025 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 07 Nov 2025 12:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के राइस मिलों में प्रशासनिक टीमों की ओर से भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसमें राइस मिलों को अलाट धान और मिल में उपलब्ध स्टाक का मिलान किया जाएगा। इसी आधार पर उनकी रिपोर्ट बनाई जाएगी। भौतिक सत्यापन के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। पारदर्शिता के लिहाज से टीम में दूसरे जिलों के एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
टीम के एक सदस्य ने बताया कि अभी उन्हें उनके जिले से रिलीव नहीं किया गया है। एक-दो दिन में जैसे ही रिलीव कर दिया जाएगा। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि जिले में फिलहाल तक 175 राइस मिलों को पीआर धान अलाट किया गया है। इनमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और वेयरहाउस के मिल शामिल हैं। हालांकि अभी खरीद प्रक्रिया जारी है, तो मिलों की संख्या घट-बढ़ भी सकती है। चर्चा है कि भौतिक सत्यापन के दौरान धान सीजन के दौरान हुई गड़बड़ सामने आ सकती है।
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धान खरीद में हुई गड़बड़ : भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना का कहना है कि धान खरीद के दौरान जमकर धांधली हुई है। बिना धान आए फर्जी गेटपास काटे गए हैं। काफी धान दूसरे जिलों से भी आया है। गड़बड़ में राइस मिलर, आढ़ती, एजेंसी अधिकारी और मंडी सचिव की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि ये ही खरीद प्रक्रिया को मिलकर पूर्ण करते हैं। भौतिक सत्यापन में काफी हद तक तस्वीर सामने आ जाएगी।
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कैथल। जिले के राइस मिलों में प्रशासनिक टीमों की ओर से भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसमें राइस मिलों को अलाट धान और मिल में उपलब्ध स्टाक का मिलान किया जाएगा। इसी आधार पर उनकी रिपोर्ट बनाई जाएगी। भौतिक सत्यापन के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। पारदर्शिता के लिहाज से टीम में दूसरे जिलों के एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
टीम के एक सदस्य ने बताया कि अभी उन्हें उनके जिले से रिलीव नहीं किया गया है। एक-दो दिन में जैसे ही रिलीव कर दिया जाएगा। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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बता दें कि जिले में फिलहाल तक 175 राइस मिलों को पीआर धान अलाट किया गया है। इनमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और वेयरहाउस के मिल शामिल हैं। हालांकि अभी खरीद प्रक्रिया जारी है, तो मिलों की संख्या घट-बढ़ भी सकती है। चर्चा है कि भौतिक सत्यापन के दौरान धान सीजन के दौरान हुई गड़बड़ सामने आ सकती है।
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धान खरीद में हुई गड़बड़ : भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना का कहना है कि धान खरीद के दौरान जमकर धांधली हुई है। बिना धान आए फर्जी गेटपास काटे गए हैं। काफी धान दूसरे जिलों से भी आया है। गड़बड़ में राइस मिलर, आढ़ती, एजेंसी अधिकारी और मंडी सचिव की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि ये ही खरीद प्रक्रिया को मिलकर पूर्ण करते हैं। भौतिक सत्यापन में काफी हद तक तस्वीर सामने आ जाएगी।