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Kaithal News: जनरेटर सेट से संचालित किए शहर के चार बूस्टर, 108 में से 78 पावर स्टेशन चालू होने का दावा
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शहर में पानी की सप्लाई के लिए लगाया गया जनरेटर सेट। प्रवक्
कैथल। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर प्रशासन का दावा है कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट पैदा न हो, इसके लिए जनरेटर सेट लगाकर ट्यूबवेल व जल आपूर्ति बूस्टर संचालित किए जा रहे हैं। वहीं 108 में से 78 पावर स्टेशन चालू हैं। डीसी अपराजिता ने बताया कि शहर में जनरेटर सेट के माध्यम से चार बूस्टर स्टेशन सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 125 केवीए क्षमता के चार और जनरेटर सेट की व्यवस्था की गई है।
डीसी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या न हो। इसी प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता के अनुसार ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर सेट की व्यवस्था की जाए। किसी भी गांव में पेयजल की समस्या नहीं आना चाहिए।
डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि उपायुक्त के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जनरेटर सेट उपलब्ध करवा दिए गए हैं। गांव कुतुबपुर, फरियाबाद, किठाना, फतेहपुर, पट्टी खोत और मंडवाल सहित विभिन्न गांवों में जनरेटर सेट लगाकर पेयजल आपूर्ति दी गई है।
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डीसी अपराजिता ने बताया कि जिले में कुल 108 पावर स्टेशनों में से 78 चालू हैं। बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी तकनीकी खराबी की सूचना मिलती है, उसे दूर करवाकर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर डायल 112 या 1912 पर सूचना दें, ताकि संबंधित क्षेत्र में समस्या का जल्द समाधान करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए पुरजोर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थिति पर लगातार निगरानी रखें। जिस भी क्षेत्र से बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिले, वहां वैकल्पिक स्टाफ को तुरंत भेजकर तकनीकी खराबी दूर करवाई जाए और आपूर्ति बहाल की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को बिजली संबंधी परेशानी से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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डीसी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या न हो। इसी प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता के अनुसार ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर सेट की व्यवस्था की जाए। किसी भी गांव में पेयजल की समस्या नहीं आना चाहिए।
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डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि उपायुक्त के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जनरेटर सेट उपलब्ध करवा दिए गए हैं। गांव कुतुबपुर, फरियाबाद, किठाना, फतेहपुर, पट्टी खोत और मंडवाल सहित विभिन्न गांवों में जनरेटर सेट लगाकर पेयजल आपूर्ति दी गई है।
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डीसी अपराजिता ने बताया कि जिले में कुल 108 पावर स्टेशनों में से 78 चालू हैं। बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी तकनीकी खराबी की सूचना मिलती है, उसे दूर करवाकर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर डायल 112 या 1912 पर सूचना दें, ताकि संबंधित क्षेत्र में समस्या का जल्द समाधान करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए पुरजोर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थिति पर लगातार निगरानी रखें। जिस भी क्षेत्र से बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिले, वहां वैकल्पिक स्टाफ को तुरंत भेजकर तकनीकी खराबी दूर करवाई जाए और आपूर्ति बहाल की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को बिजली संबंधी परेशानी से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।