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Kaithal News: सोशल मीडिया के दौर में पढ़ना-लिखना भूल रहे ः भांबू
Fri, 22 Nov 2024 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 22 Nov 2024 01:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डॉ. भीम राव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में रोजगार प्रकोष्ठ और जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में वार्तालाप कार्यक्रम की शृंखला में व्याख्यान आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए मनोज कुमार भांबू ने कहा कि विद्यार्थी पढना और लिखना दोनों ही भूल गए है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रिंट मीडिया का कोर्स विद्यार्थियों में लेखन कला और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का काम करता है। डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि यह व्याख्यान ‘प्रिंट मीडिया में रोजगार के लिए मूलभूत कौशल व दक्षताएं’ विषय पर आयोजित किया था।
मुख्य वक्ता के तौर पर पं. चिरंजी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय करनाल से डॉ. रश्मि सिंह ने शिरकत की। डॉ. रश्मि ने मीडिया विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि प्रिंट मीडिया में जाने के इच्छुक विद्यार्थियों को हर रोज समाचार पत्र पढ़ने चाहिए। इसके साथ उन्हें संपादक के नाम पत्र, छोटी- छोटी कहानियां और अपने आस-पास घटित घटनाओं को अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करना चाहिए।
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कार्यक्रम में प्रो. सुभाष शर्मा ने कहा कि मीडिया उद्योग के विकास की गति अन्य सभी उद्योगों की विकास गति से तेज है और मीडिया में रोजगार की अपार संभावनाएं है। डॉ. अभिषेक गोयल ने कहा कि प्रिंट मीडिया अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है। उन्हें वैध और विश्वसनीय माना जाता है।
डॉ. मोनिका जाखड़ ने कहा कि जिस तरह से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उसी तरह से रोजगार और नौकरियों की संभावनाएं बढ़ रही हैं, बस जरूरत है कि विद्यार्थी तकनीकी तौर पर कुशल हों। प्रो. वीरेंद्र खटकड़ ने कहा कि प्रिंट पत्रकारिता एक गतिशील, तेज़ गति वाला, सोच-समझकर काम करने वाला पेशा है। इसमें प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण भी है। अत: विद्यार्थियों को लगन से पत्रकारिता की पेचीदगियों को समझना चाहिए।
डॉ. मेहर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर में माहिर होना होगा और टाइपिंग और प्रिंट मीडिया के लिए जरूरी विभिन्न सॉफ्टवेयर में दक्षता हासिल करनी होगी। इस अवसर पर रोजगार प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. अनिल ललित ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों में रोजगार के लिए जरूरी दक्षताओं को बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन करता है।
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कैथल। डॉ. भीम राव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में रोजगार प्रकोष्ठ और जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में वार्तालाप कार्यक्रम की शृंखला में व्याख्यान आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए मनोज कुमार भांबू ने कहा कि विद्यार्थी पढना और लिखना दोनों ही भूल गए है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रिंट मीडिया का कोर्स विद्यार्थियों में लेखन कला और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का काम करता है। डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि यह व्याख्यान ‘प्रिंट मीडिया में रोजगार के लिए मूलभूत कौशल व दक्षताएं’ विषय पर आयोजित किया था।
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मुख्य वक्ता के तौर पर पं. चिरंजी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय करनाल से डॉ. रश्मि सिंह ने शिरकत की। डॉ. रश्मि ने मीडिया विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि प्रिंट मीडिया में जाने के इच्छुक विद्यार्थियों को हर रोज समाचार पत्र पढ़ने चाहिए। इसके साथ उन्हें संपादक के नाम पत्र, छोटी- छोटी कहानियां और अपने आस-पास घटित घटनाओं को अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करना चाहिए।
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कार्यक्रम में प्रो. सुभाष शर्मा ने कहा कि मीडिया उद्योग के विकास की गति अन्य सभी उद्योगों की विकास गति से तेज है और मीडिया में रोजगार की अपार संभावनाएं है। डॉ. अभिषेक गोयल ने कहा कि प्रिंट मीडिया अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है। उन्हें वैध और विश्वसनीय माना जाता है।
डॉ. मोनिका जाखड़ ने कहा कि जिस तरह से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उसी तरह से रोजगार और नौकरियों की संभावनाएं बढ़ रही हैं, बस जरूरत है कि विद्यार्थी तकनीकी तौर पर कुशल हों। प्रो. वीरेंद्र खटकड़ ने कहा कि प्रिंट पत्रकारिता एक गतिशील, तेज़ गति वाला, सोच-समझकर काम करने वाला पेशा है। इसमें प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण भी है। अत: विद्यार्थियों को लगन से पत्रकारिता की पेचीदगियों को समझना चाहिए।
डॉ. मेहर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर में माहिर होना होगा और टाइपिंग और प्रिंट मीडिया के लिए जरूरी विभिन्न सॉफ्टवेयर में दक्षता हासिल करनी होगी। इस अवसर पर रोजगार प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. अनिल ललित ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों में रोजगार के लिए जरूरी दक्षताओं को बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन करता है।