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Kaithal News: गर्भपात के लिए केवल वैध केंद्रों की ही लें सेवाएं ः डीसी

Fri, 04 Jul 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 04 Jul 2025 12:59 AM IST
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For abortion, take services only from legal centers: DC
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। चिकित्सकीय जरूरतों को देखते हुए यदि किसी गर्भवती महिला को आपात स्थिति में गर्भपात करवाना पड़े, तो वह केवल सरकार से अनुमोदित वैध गर्भपात केंद्रों की ही सेवाएं लें। यह जानकारी उपायुक्त प्रीति ने दी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध केंद्रों में नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भपात करवाना कानूनन दंडनीय अपराध है। डीसी ने बताया कि जिले में 21 ऐसे अधिकृत केंद्र हैं, जहां आपात स्थिति में महिलाओं को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट के अनुरूप सुरक्षित सेवाएं मिल सकती हैं।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं को यह जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि चिकित्सकीय कारणों से गर्भपात कब तक और किस अस्पताल में करवाया जा सकता है। इन 21 अधिकृत केंद्रों के अलावा किसी भी अन्य स्थान पर किया गया गर्भपात पूरी तरह अवैध है और एमटीपी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
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उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार और महिला सशक्तीकरण के लिए एमटीपी एक्ट का सख्ती से पालन जरूरी है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने, सूचनाएं जुटाने और यदि कहीं लिंग जांच या अवैध गर्भपात की जानकारी मिले तो तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने जारी की 21 वैध गर्भपात केंद्रों की सूची, तय अवधि में करवाया जा सकता है गर्भपात
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि महिलाओं को 24 सप्ताह तक के गर्भ में चिकित्सकीय कारणों से गर्भपात कराने की सुविधा वैध केंद्रों पर उपलब्ध है। यदि इस दौरान कोई गंभीर समस्या उत्पन्न होती है तो महिला अधिकृत केंद्रों में योग्य चिकित्सकों से परामर्श व उपचार ले सकती हैं।

उन्होंने बताया कि वैध गर्भपात केंद्रों में सरकारी अस्पतालों में जिला अस्पताल, कैथल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गुहला हैं। इनके अलावा कई निजी अस्पताल भी हैं लेकिन उनमें आपात स्थिति के अनुसार समय सीमा तय है। 


डॉ. चावला ने स्पष्ट किया कि इन अधिकृत केंद्रों के अलावा जिले में किसी भी अस्पताल या चिकित्सक को गर्भपात कराने की अनुमति नहीं है। यदि किसी को अन्य स्थान पर अवैध गर्भपात किए जाने की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सके।

निजी अस्पतालों में गर्भपात की समय सीमा केवल 12 सप्ताह तक (आपात स्थिति में)

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चानना नर्सिंग होम, चीका

n छतवाल नर्सिंग होम, कैथल

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जयपुर अस्पताल, कैथल

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ओम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, पूंडरी
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संजीवनी अस्पताल, कैथल

20 सप्ताह तक (आपात स्थिति में):
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सिंघानिया नर्सिंग होम, कैथल

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सृष्टि मैटरनिटी अस्पताल, कैथल

24 सप्ताह तक (आपात स्थिति में):
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अमन अस्पताल, कैथल

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आशीर्वाद मैटरनिटी एंड इनफर्टिलिटी अस्पताल, कैथल

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चंडीगढ़ अस्पताल, कैथल

n सिग्नस अस्पताल, कैथल

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गर्ग मैटरनिटी एंड आई नर्सिंग अस्पताल, कैथल

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जैन मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम, कैथल

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जीवन ज्योति अस्पताल, कैथल

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कैथल नर्सिंग होम, कैथल

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कंसल अस्पताल, कैथल

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कीर्ति अस्पताल, कैथल

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मित्तल सर्जिकल एंड मैटरनिटी अस्पताल, कैथल

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सूद आई मैटरनिटी अस्पताल, कैथल
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