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Kaithal News: शहर में बदली जाएंगी पांच हजार पुरानी स्ट्रीट लाइटें ऑनलाइन रहेगी नजर
Tue, 06 Jan 2026 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:22 AM IST
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नरेंद्र पंडित
कैथल। शहर में लगी पांच हजार पुरानी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ही बदला जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद की टीम अब शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों पर अब मोबाइल-लैपटॉप से नजर रखेगी। लाइटों के पोल पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत सिम बेस्ड पैनल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से लाइटों का पूरा कंट्रोल ऐप से रहेगा। अगर किसी लाइट में कोई खराबी आती है या फाल्ट की आंशका होगी तो एसएमएस अलर्ट होगा।
इससे इन्हें कंडम हाेने से बचाने या जल्द ठीक करने में आसानी होगी। लाइटें सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर ऑटोमेटिक शाम करीब साढ़े पांच बजे स्वयं जलेंगी और सुबह करीब साढ़े छह बजे बंद बंद होंगी। दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटें बंद रहेंगी और हर महीने लाखों रुपये की बिजली की बचत होगी। खास बात ये होगी कि मौसम में धुंध के हिसाब से इनका समय भी बदला जा सकेगा। एक पैनल पर करीब एक-डेढ़ लाख रुपये खर्च होंगे।
नगर परिषद की तरफ से इसके लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। शुरूआत में नई लगाई गई करीब साढ़े 12 हजार लाइटों में ये पैनल लगाए जाएंगे। बाकी करीब पांच हजार पुरानी लाइटों को बदलने के बाद उनमें भी इसे इंस्टाल किया जाएगा।
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ये होगा लाभ, मोबाइल पर मिलेगा नोटिफिकेशन : इस सिस्टम के कारण स्ट्रीट लाइट को कहीं से भी संचालित किया जा सकता है। मैनुअली स्ट्रीट लाइट को ऑन-ऑफ करने में काफी समय और मैनपावर लगती है, जबकि इस सिस्टम की मदद से यह काम सिर्फ एक व्यक्ति की मदद से कुछ सेकेंड में किया जा सकता है। इससे बिजली की बचत भी होती है।
यह सिस्टम तकनीकी खामी का अलर्ट भी देता है। इससे तकनीकी खामी को तुरंत दूर कर होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर स्ट्रीट लाइट के पैनल में बिजली सप्लाई कम आती है तो उससे तार जलने आदि का खतरा रहता है। अगर बिजली कम आती है तो यह सिस्टम तुरंत मोबाइल पर नोटिफिकेशन दे देता है। संवाद
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कैथल। शहर में लगी पांच हजार पुरानी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ही बदला जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद की टीम अब शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों पर अब मोबाइल-लैपटॉप से नजर रखेगी। लाइटों के पोल पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत सिम बेस्ड पैनल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से लाइटों का पूरा कंट्रोल ऐप से रहेगा। अगर किसी लाइट में कोई खराबी आती है या फाल्ट की आंशका होगी तो एसएमएस अलर्ट होगा।
इससे इन्हें कंडम हाेने से बचाने या जल्द ठीक करने में आसानी होगी। लाइटें सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर ऑटोमेटिक शाम करीब साढ़े पांच बजे स्वयं जलेंगी और सुबह करीब साढ़े छह बजे बंद बंद होंगी। दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटें बंद रहेंगी और हर महीने लाखों रुपये की बिजली की बचत होगी। खास बात ये होगी कि मौसम में धुंध के हिसाब से इनका समय भी बदला जा सकेगा। एक पैनल पर करीब एक-डेढ़ लाख रुपये खर्च होंगे।
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नगर परिषद की तरफ से इसके लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। शुरूआत में नई लगाई गई करीब साढ़े 12 हजार लाइटों में ये पैनल लगाए जाएंगे। बाकी करीब पांच हजार पुरानी लाइटों को बदलने के बाद उनमें भी इसे इंस्टाल किया जाएगा।
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ये होगा लाभ, मोबाइल पर मिलेगा नोटिफिकेशन : इस सिस्टम के कारण स्ट्रीट लाइट को कहीं से भी संचालित किया जा सकता है। मैनुअली स्ट्रीट लाइट को ऑन-ऑफ करने में काफी समय और मैनपावर लगती है, जबकि इस सिस्टम की मदद से यह काम सिर्फ एक व्यक्ति की मदद से कुछ सेकेंड में किया जा सकता है। इससे बिजली की बचत भी होती है।
यह सिस्टम तकनीकी खामी का अलर्ट भी देता है। इससे तकनीकी खामी को तुरंत दूर कर होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर स्ट्रीट लाइट के पैनल में बिजली सप्लाई कम आती है तो उससे तार जलने आदि का खतरा रहता है। अगर बिजली कम आती है तो यह सिस्टम तुरंत मोबाइल पर नोटिफिकेशन दे देता है। संवाद