{"_id":"621e7836e2580c1c4e56c417","slug":"five-contractors-paid-a-bill-of-25-lakhs-kaithal-news-knl1005662186","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में सड़कों की रिपेयर का काम..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में सड़कों की रिपेयर का काम..
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। शहर में तीन से चार माह पहले शुरू करवाए गए सड़क मरम्मत कार्य के लिए पांच ठेकेदारों ने 25 लाख रुपये से अधिक के बिल बनाकर नगर परिषद कार्यालय में पेश कर दिया। हालांकि अधिकारियों ने कुछ ठेकेदारों को ही काम दिया है। आपात स्थिति में और ज्यादा खराब सड़कों की मरम्मत कराने के लिए ही कहा गया था लेकिन महज पांच ठेकेदारों के भारी-भरकम बिल देखकर अधिकारियों के माथे पर पसीना आ गया है। ईओ नगर परिषद ने इन बिलों को रोक दिया है और तकनीकी शाखा को इन बिलों के सत्यापन का निर्देश दिया है।
शहर में बदहाल सड़कों की मरम्मत के लिए नगर परिषद कार्यालय ने कुछ ठेकेदारों को काम दिया था। इसमें आपात स्थिति में ज्यादा खराब सड़कों की मुरम्मत और गड्ढों को भरने का काम कराने का प्रावधान बनाया गया था। शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर काम भी हुआ। गड्ढों को भरा गया लेकिन अब नगर परिषद कार्यालय में अलग-अलग पांच ठेकेदारों ने बिल प्रस्तुत किए हैं, जो करीब 25 लाख रुपये का है। मौके पर काम की क्या स्थित है, यह अभी जांच का विषय है। यही वजह है कि ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने इन बिलों को रोक दिया है। उन्होंने तकनीकी शाखा को निर्देश जारी कर कहा है कि ठेकेदारों ने जिन इलाकों में सड़कों की मरम्मत का काम कराया है, उसका पूरा नक्शा बनाकर दें ताकि इस काम का निरीक्षण किया जा सके कि काम हुआ भी है या बिल केवल कागजी हैं। अब देखना होगा कि जांच में पूरी सच्चाई क्या निकलती है।
ईओ ने बताया कि उनके पास चार-पांच ठेकेदारों के अलग-अलग बिल आए थे। इस संबंध में तकनीकी शाखा को पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जिस ठेकेदार ने जिस इलाके में काम किया है, उसकी जांच करके ही भुगतान किया जाएगा। आपात स्थिति में ठेकेदारों से सड़कों के गड्ढे भरवाने को कहा गया था। जिन ठेकेदारों ने नियमानुसार काम किया है, केवल उन्हीं को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में बदहाल सड़कों की मरम्मत के लिए नगर परिषद कार्यालय ने कुछ ठेकेदारों को काम दिया था। इसमें आपात स्थिति में ज्यादा खराब सड़कों की मुरम्मत और गड्ढों को भरने का काम कराने का प्रावधान बनाया गया था। शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर काम भी हुआ। गड्ढों को भरा गया लेकिन अब नगर परिषद कार्यालय में अलग-अलग पांच ठेकेदारों ने बिल प्रस्तुत किए हैं, जो करीब 25 लाख रुपये का है। मौके पर काम की क्या स्थित है, यह अभी जांच का विषय है। यही वजह है कि ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने इन बिलों को रोक दिया है। उन्होंने तकनीकी शाखा को निर्देश जारी कर कहा है कि ठेकेदारों ने जिन इलाकों में सड़कों की मरम्मत का काम कराया है, उसका पूरा नक्शा बनाकर दें ताकि इस काम का निरीक्षण किया जा सके कि काम हुआ भी है या बिल केवल कागजी हैं। अब देखना होगा कि जांच में पूरी सच्चाई क्या निकलती है।
विज्ञापन
ईओ ने बताया कि उनके पास चार-पांच ठेकेदारों के अलग-अलग बिल आए थे। इस संबंध में तकनीकी शाखा को पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जिस ठेकेदार ने जिस इलाके में काम किया है, उसकी जांच करके ही भुगतान किया जाएगा। आपात स्थिति में ठेकेदारों से सड़कों के गड्ढे भरवाने को कहा गया था। जिन ठेकेदारों ने नियमानुसार काम किया है, केवल उन्हीं को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन