{"_id":"686ad48ecfa555a45409e058","slug":"fire-fighting-system-could-not-work-in-civil-hospital-kaithal-news-c-18-1-knl1004-686043-2025-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नागरिक अस्पताल में नहीं चल पाया फायर फाइटिंग सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नागरिक अस्पताल में नहीं चल पाया फायर फाइटिंग सिस्टम
Mon, 07 Jul 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 07 Jul 2025 01:24 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का निर्माण पूरा होने के दो साल बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है। यहां पाइपलाइन बिछाने से लेकर पानी की टंकी तक का काम पूरा हो चुका है, लेकिन संचालन शुरू न होने से अस्पताल में अग्निकांड होने पर उससे निपटने की तैयारियां अधूरी पड़ी हैं।
फायर फाइटिंग सिस्टम का मतलब आग लगने पर उसे तुरंत पहचानने, अलार्म देने और नियंत्रित करने का पूरा इंतजाम। लोगों का कहना है कि यदि कोई आग लगने की घटना होती है तो उस पर काबू पाने में बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। मुख्य वजह यह है कि अस्पताल के नाम जमीन की रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है, जिसके चलते फायर एनओसी जारी नहीं की गई।
अस्पताल परिसर में लगाए गए फायर सिलिंडर भी बेहद खराब हालत में हैं। जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का है और यहां रोजाना करीब 1500 मरीज ओपीडी में आते हैं। इसके अलावा 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी संचालित हो रहा है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भी यहीं स्थित है।
विज्ञापन
फायर फाइटिंग सिस्टम का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पाइपलाइन, पानी के प्वाइंट और टंकी का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है।
फायर फाइटिंग सिस्टम की फिटिंग और टंकी का निर्माण कार्य काफी पहले पूरा कर लिया गया था। लेकिन जमीन की रजिस्ट्री न होने से फायर एनओसी जारी नहीं हो सकी, जिस कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन की रजिस्ट्री अस्पताल के नाम पर हो जाएगी और इसके बाद सिस्टम चालू करवा दिया जाएगा। – डॉ. दिनेश कंसल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल
विज्ञापन
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का निर्माण पूरा होने के दो साल बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है। यहां पाइपलाइन बिछाने से लेकर पानी की टंकी तक का काम पूरा हो चुका है, लेकिन संचालन शुरू न होने से अस्पताल में अग्निकांड होने पर उससे निपटने की तैयारियां अधूरी पड़ी हैं।
फायर फाइटिंग सिस्टम का मतलब आग लगने पर उसे तुरंत पहचानने, अलार्म देने और नियंत्रित करने का पूरा इंतजाम। लोगों का कहना है कि यदि कोई आग लगने की घटना होती है तो उस पर काबू पाने में बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। मुख्य वजह यह है कि अस्पताल के नाम जमीन की रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है, जिसके चलते फायर एनओसी जारी नहीं की गई।
विज्ञापन
अस्पताल परिसर में लगाए गए फायर सिलिंडर भी बेहद खराब हालत में हैं। जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का है और यहां रोजाना करीब 1500 मरीज ओपीडी में आते हैं। इसके अलावा 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी संचालित हो रहा है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भी यहीं स्थित है।
विज्ञापन
फायर फाइटिंग सिस्टम का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पाइपलाइन, पानी के प्वाइंट और टंकी का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है।
फायर फाइटिंग सिस्टम की फिटिंग और टंकी का निर्माण कार्य काफी पहले पूरा कर लिया गया था। लेकिन जमीन की रजिस्ट्री न होने से फायर एनओसी जारी नहीं हो सकी, जिस कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन की रजिस्ट्री अस्पताल के नाम पर हो जाएगी और इसके बाद सिस्टम चालू करवा दिया जाएगा। – डॉ. दिनेश कंसल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल