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फाइनल रिहर्सल में नहीं पहुंचे 56 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!
कैथल
Updated Fri, 04 Apr 2014 12:25 AM IST
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नसीब सैनी
कैथल। निर्वाचन आयोग के निर्देश न मानने पर जिले के 56 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयोग ने नोटिस जारी किया है। दरअसल ये कर्मचारी 29 मार्च को चुनाव की फाइनल रिहर्सल से अनुपस्थित रहे थे। जिसके बाद आयोग ने इनसे जवाब तलब किया है।
अगर आयोग को इन सभी कर्मियों से संतोषजनक जवाब न मिला तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि इन सभी में विभिन्न विभागों के एसडीओ से लेकर एक्सईएन सहित प्रोफेसर एवं मास्टर शामिल हैं।
29 मार्च को हुई थी फाइनल रिहर्सल
बीते माह 29 मार्च को पुलिस लाइन मैदान में चुनाव के लिए फाइनल रिहर्सल का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्हें मतदान से लेकर मतगणना तक के बारे में आवश्यक जानकारी दी जानी थी। लेकिन कई कर्मचारी एवं अधिकारी रिहर्सल में नहीं पहुंचे। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी जारी किए थे। हालांकि अभी तक सिर्फ नोटिस जारी किए गए हैं। बता दें कि रिहर्सल में जिले भर से 1500 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भाग लेना था।
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दो दिन के बाद तैयार की थी सूची
वोटिंग से लेकर मतगणना जैसे महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने से वंचित रहने वाले ये 56 अधिकारी एवं कर्मचारी थे। जिनकी सूची निर्वाचन आयोग ने दो दिन के बाद तैयार की गई। इसके बाद डीसी के आदेशानुसार इन सभी को अनुपस्थित रहने के चलते नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि आयोग द्वारा विशेष निर्देश जारी करने के बावजूद रिहर्सल में नहीं पहुंचे कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने लोकप्रति अधिनियम 1951 के आदेशों की उल्लंघन किया, इसलिए शीघ्र जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। हालांकि नोटिस के जवाब देने के बारे में कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन नियमों के अनुसार एक हफ्ते में नोटिस मिलने वाले कर्मियों को जवाब देना होगा।
कई बड़े अधिकारी भी शामिल
नोटिस जारी होने वालों में कई विभागों के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें एक्सईएन, एसडीओ, जेई, सुपरिंटेंडेंट, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, प्रिंसिपल, हेडमास्टर, मास्टर और मैनेजर सहित कई बड़े एवं छोटे स्तर के अधिकारी शामिल हैं। नायब तहसीलदार दिनेश कुमार ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार 29 मार्च की रिहर्सल में अनुपस्थित रहे कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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कैथल। निर्वाचन आयोग के निर्देश न मानने पर जिले के 56 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयोग ने नोटिस जारी किया है। दरअसल ये कर्मचारी 29 मार्च को चुनाव की फाइनल रिहर्सल से अनुपस्थित रहे थे। जिसके बाद आयोग ने इनसे जवाब तलब किया है।
अगर आयोग को इन सभी कर्मियों से संतोषजनक जवाब न मिला तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि इन सभी में विभिन्न विभागों के एसडीओ से लेकर एक्सईएन सहित प्रोफेसर एवं मास्टर शामिल हैं।
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29 मार्च को हुई थी फाइनल रिहर्सल
बीते माह 29 मार्च को पुलिस लाइन मैदान में चुनाव के लिए फाइनल रिहर्सल का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्हें मतदान से लेकर मतगणना तक के बारे में आवश्यक जानकारी दी जानी थी। लेकिन कई कर्मचारी एवं अधिकारी रिहर्सल में नहीं पहुंचे। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी जारी किए थे। हालांकि अभी तक सिर्फ नोटिस जारी किए गए हैं। बता दें कि रिहर्सल में जिले भर से 1500 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भाग लेना था।
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दो दिन के बाद तैयार की थी सूची
वोटिंग से लेकर मतगणना जैसे महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने से वंचित रहने वाले ये 56 अधिकारी एवं कर्मचारी थे। जिनकी सूची निर्वाचन आयोग ने दो दिन के बाद तैयार की गई। इसके बाद डीसी के आदेशानुसार इन सभी को अनुपस्थित रहने के चलते नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि आयोग द्वारा विशेष निर्देश जारी करने के बावजूद रिहर्सल में नहीं पहुंचे कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने लोकप्रति अधिनियम 1951 के आदेशों की उल्लंघन किया, इसलिए शीघ्र जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। हालांकि नोटिस के जवाब देने के बारे में कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन नियमों के अनुसार एक हफ्ते में नोटिस मिलने वाले कर्मियों को जवाब देना होगा।
कई बड़े अधिकारी भी शामिल
नोटिस जारी होने वालों में कई विभागों के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें एक्सईएन, एसडीओ, जेई, सुपरिंटेंडेंट, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, प्रिंसिपल, हेडमास्टर, मास्टर और मैनेजर सहित कई बड़े एवं छोटे स्तर के अधिकारी शामिल हैं। नायब तहसीलदार दिनेश कुमार ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार 29 मार्च की रिहर्सल में अनुपस्थित रहे कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।