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Kaithal News: फर्जी बिलों पर सामान मंगवाने की आशंका, 33 पैक्सों से रिकॉर्ड तलब
Wed, 07 Feb 2024 06:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 07 Feb 2024 06:23 PM IST
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कैथल। एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना के तहत जिले में हुए 10.50 करोड़ रुपये के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सारे रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद एसीबी के हाथ कई बड़े सबूत लग सकते हैं। एसीबी की ओर से की गई अब तक की जांच में सामने आया है तीनों आरोपियों की तरफ से किए घोटाले के तहत फर्जी बिलों पर 33 पैक्स में सामान मंगवाने की आशंका है। यह सामान कितना है और किस प्रकार की गुणवत्ता का है। इसे लेकर एसीबी अब सभी संबंधित पैक्स में पहुंचकर निरीक्षण करेगी। इस दौरान टीम के साथ संबंधित विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।
अंबाला एसीबी के डीएसपी पवन शर्मा ने बताया कि मामले में हर पहलूओं पर जांच की जा रही है। जिस समय जिले में इस घोटाले को अंजाम दिया गया, उस समय यहां 41 पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी) थी, जो वर्तमान में 42 हैं। पैक्स के रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। इससे पहले कैथल स्थित अतिरिक्त रजिस्टार के कार्यालय का रिकॉर्ड मंगलवार को एसीबी ने अपने अधीन ले लिया है। अब जल्द ही एसीबी की टीमें पैक्स का निरीक्षण शुरू करेंगी।
विदित हो कि एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना के तहत प्रति 10 से 12 साल बाद राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है। जिले की पैक्सों में वर्ष 2008 में भी करीब नौ करोड़ रुपये की राशि आई थी। फिर करीब 10.50 करोड़ रुपये की राशि 2020 से 2022 तक आई थी। इस बार आई राशि में अतिरिक्त रजिस्टार ने सामान के फर्जी बिल दिखाकर खरीद-फरोख्त को लेकर घोटाला किया।
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जिलेभर में यहां पर हैं इतनी पैक्स-
जगह पैक्स की संख्या
कैथल 10
सीवन 04
कलायत 04
गुहला-चीका 13
राजौंद 04
पूंडरी 08
वर्जन-
एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना में हुई घोटाले की जांच के तहत अब तक करीब 10.50 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका है। वास्तव में यह कितनी राशि का घोटाला है। इसको लेकर लगातार जांच की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेशों के तहत जेल भेज दिया गया है। उम्मीद है इस मामले में अभी और परतें खुलेंगी और जल्द ही घोटाले की सही राशि की जानकारी मिल पाएगी। अभी तक 33 पैक्सों से रिकॉर्ड की जानकारी मांगी है।
पवन शर्मा, डीएसपी, एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबाला।
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अंबाला एसीबी के डीएसपी पवन शर्मा ने बताया कि मामले में हर पहलूओं पर जांच की जा रही है। जिस समय जिले में इस घोटाले को अंजाम दिया गया, उस समय यहां 41 पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी) थी, जो वर्तमान में 42 हैं। पैक्स के रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। इससे पहले कैथल स्थित अतिरिक्त रजिस्टार के कार्यालय का रिकॉर्ड मंगलवार को एसीबी ने अपने अधीन ले लिया है। अब जल्द ही एसीबी की टीमें पैक्स का निरीक्षण शुरू करेंगी।
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विदित हो कि एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना के तहत प्रति 10 से 12 साल बाद राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है। जिले की पैक्सों में वर्ष 2008 में भी करीब नौ करोड़ रुपये की राशि आई थी। फिर करीब 10.50 करोड़ रुपये की राशि 2020 से 2022 तक आई थी। इस बार आई राशि में अतिरिक्त रजिस्टार ने सामान के फर्जी बिल दिखाकर खरीद-फरोख्त को लेकर घोटाला किया।
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जिलेभर में यहां पर हैं इतनी पैक्स-
जगह पैक्स की संख्या
कैथल 10
सीवन 04
कलायत 04
गुहला-चीका 13
राजौंद 04
पूंडरी 08
वर्जन-
एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना में हुई घोटाले की जांच के तहत अब तक करीब 10.50 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका है। वास्तव में यह कितनी राशि का घोटाला है। इसको लेकर लगातार जांच की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेशों के तहत जेल भेज दिया गया है। उम्मीद है इस मामले में अभी और परतें खुलेंगी और जल्द ही घोटाले की सही राशि की जानकारी मिल पाएगी। अभी तक 33 पैक्सों से रिकॉर्ड की जानकारी मांगी है।
पवन शर्मा, डीएसपी, एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबाला।