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Kaithal News: संतान प्राप्ति के लिए करें एकादशी का व्रत
Fri, 10 Jan 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 10 Jan 2025 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उदया तिथि के अनुसार शुक्रवार को पुत्रदा एकादशी है। मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। खासकर संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत बताया जाता है। इसे करने से व्यक्ति को सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हिंदू धर्म में हर तिथि हर व्रत का अलग-अलग महत्व माना गया है। साल में 24 एकादशी के व्रत रखे जाते हैं यानी हर महीने में दो बार। इनमें एक कृष्ण पक्ष और दूसरा व्रत शुक्ल पक्ष में किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साल 2025 की पहली एकादशी पुत्रदा एकादशी होगी जो कि पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। साल में दो बार पुत्रदा या बैकुंठ एकादशी का व्रत रखा जाता है। साल में दो बार पौष व सावन मास में पुत्रदा एकादशी आती है।
पुत्रदा एकादशी की तिथि पर पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरू हो गई और इस तिथि का समापन 10 जनवरी को रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को ही रखा जाएगा।
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पुत्रदा एकादशी उपाय ः शांडिल्य ने बताया कि अगर आप लंबे समय रुपयों की कमी का सामना कर रहे हैं तो पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत उपासना करें। इसके अलावा जीवन में सुख-शांति के लिए कामना करें। ऐसा माना जाता है किए इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और धन आगमन के योग बनते हैं। एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून, और दाढ़ी न कटवाएं। एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है।
पूजा मुहूर्त
n
पुत्रदा एकादशी ः 10 जनवरी को सुबह 8: 34 बजे से सुबह 11:10 तक रहेगा।
n
व्रत परण समय ः 11 जनवरी को सुबह 7:15 से 8: 21 के बीच किया जाएगा। इस दिन द्वादशी तिथि सुबह 8: 21 पर समाप्त हो जाएगी। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में ही करना चाहिए। इसलिए द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण कर सकते हैं।
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कलायत। उदया तिथि के अनुसार शुक्रवार को पुत्रदा एकादशी है। मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। खासकर संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत बताया जाता है। इसे करने से व्यक्ति को सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हिंदू धर्म में हर तिथि हर व्रत का अलग-अलग महत्व माना गया है। साल में 24 एकादशी के व्रत रखे जाते हैं यानी हर महीने में दो बार। इनमें एक कृष्ण पक्ष और दूसरा व्रत शुक्ल पक्ष में किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साल 2025 की पहली एकादशी पुत्रदा एकादशी होगी जो कि पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। साल में दो बार पुत्रदा या बैकुंठ एकादशी का व्रत रखा जाता है। साल में दो बार पौष व सावन मास में पुत्रदा एकादशी आती है।
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पुत्रदा एकादशी की तिथि पर पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरू हो गई और इस तिथि का समापन 10 जनवरी को रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को ही रखा जाएगा।
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पुत्रदा एकादशी उपाय ः शांडिल्य ने बताया कि अगर आप लंबे समय रुपयों की कमी का सामना कर रहे हैं तो पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत उपासना करें। इसके अलावा जीवन में सुख-शांति के लिए कामना करें। ऐसा माना जाता है किए इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और धन आगमन के योग बनते हैं। एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून, और दाढ़ी न कटवाएं। एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है।
पूजा मुहूर्त
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पुत्रदा एकादशी ः 10 जनवरी को सुबह 8: 34 बजे से सुबह 11:10 तक रहेगा।
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व्रत परण समय ः 11 जनवरी को सुबह 7:15 से 8: 21 के बीच किया जाएगा। इस दिन द्वादशी तिथि सुबह 8: 21 पर समाप्त हो जाएगी। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में ही करना चाहिए। इसलिए द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण कर सकते हैं।