फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Farmers will get huge benefit, Rs 51.52 crore will be released

Kaithal News: किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, 51.52 करोड़ रुपये होंगे जारी

Fri, 16 Jan 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 16 Jan 2026 01:21 AM IST
विज्ञापन
Farmers will get huge benefit, Rs 51.52 crore will be released
सोनू थुआ कैथल। धान की फसल का अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कृषि विभाग की ओर से जिले के किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तहत कुल 51 करोड़ 52 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि फरवरी माह तक किसानों के बैंक खातों में जमा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन


कृषि विभाग ने धान के फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। पंजीकरण के बाद कृषि विभाग की टीमों ने किसानों के खेतों में जाकर इन-सीटू व एक्स-सीटू माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों का भौतिक सत्यापन किया। जिले के कुल 64 हजार 857 किसानों ने प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था, जिसके तहत लगभग 4 लाख 33 हजार एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि इससे पहले कृषि विभाग द्वारा प्रति एकड़ 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, लेकिन इस बार किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभाग ने राशि में 200 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 1200 रुपये प्रति एकड़ कर दिया है। यह पहली बार है जब किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रोत्साहन राशि योजना लागू होने के बाद जिले में पराली जलाने की घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। हरसेक एप के माध्यम से पूरे सीजन में 72 लोकेशन की सूचना मिली, जिनमें से केवल 11 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। इन मामलों में कृषि विभाग द्वारा संबंधित किसानों पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जबकि वर्ष 2024 में जिले में 270 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आई थीं और किसानों पर करीब 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एक्स-सीटू माध्यम से 7 लाख मीट्रिक टन और इन-सीटू माध्यम से करीब 3 लाख मीट्रिक टन पराली का प्रबंधन किया गया। संवाद

10 लाख मीट्रिक टन पराली का किया प्रबंधन

कैथल जिले में करीब साढ़े चार लाख एकड़ क्षेत्र में धान की फसल की रोपाई की गई थी, जिसमें से लगभग 75 प्रतिशत मोटी किस्म और 25 प्रतिशत बासमती किस्म की धान शामिल थी। किसानों ने करीब 800 बेलर मशीनों और 500 सुपर सीडर मशीनों के माध्यम से फसल अवशेषों का प्रबंधन किया।


किसान बोले- कमजोर हो जाती थी उर्वरता शक्ति

गांव सिकंदरखेड़ी निवासी किसान राजेश और किठाना के किसान अशोक कुमार ने बताया कि पहले किसान मजबूरी में धान के अवशेषों को खेतों में जला देते थे, जिससे भूमि की उर्वरता शक्ति कमजोर हो जाती थी और गेहूं की फसल की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता था। अब प्रोत्साहन राशि मिलने से खर्च निकल आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed