{"_id":"6a24bcb3aabfe5a98303c3f9","slug":"farmers-were-made-aware-under-the-save-the-farm-campaign-kaithal-news-c-245-1-kn11005-150461-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को किया जागरूक
Sun, 07 Jun 2026 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 07 Jun 2026 06:04 AM IST
विज्ञापन
खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जागरूक करते वक्ता।
राजौंद। किछाना गांव में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र कैथल ने खेत बचाओ अभियान के तहत किसान गोष्ठी व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और उत्पादन लागत कम करने संबंधी जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान के तहत प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से एक से 30 जून तक व्यापक जन-जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खेत की जरूरत के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने से लागत घटाई जा सकती है और भूमि की उत्पादकता भी बनी रहती है। साथ ही हरी खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट व जैव उर्वरकों के उपयोग पर भी चर्चा की।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के उपाय बताए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान के तहत प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से एक से 30 जून तक व्यापक जन-जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खेत की जरूरत के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने से लागत घटाई जा सकती है और भूमि की उत्पादकता भी बनी रहती है। साथ ही हरी खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट व जैव उर्वरकों के उपयोग पर भी चर्चा की।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के उपाय बताए। संवाद

खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जागरूक करते वक्ता।
विज्ञापन