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Kaithal News: कलायत में गरजे किसान, रुकवाया काम

Wed, 09 Apr 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 09 Apr 2025 12:41 AM IST
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Farmers roared in Kalayat, work stopped
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत/कैथल। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत मुआवजे की मांग के मुद्दे पर मंगलवार को खरक पांडवा गांव के किसान और प्रशासन आमने-सामने आ गए। दरअसल, गांव में बनाए गए टोल के पास भूमि पर मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जैसे ही निर्माण कार्य शुरू किया तभी नाराज किसानों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

उनका कहना था कि पहले उनकी भूमि का पूरा मुआवजा दिया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान पुरुष व महिलाएं निर्माण कार्य स्थल पर धरना देकर बैठ गए। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचे।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार दिनेश ढिल्लों, थाना प्रभारी जय भगवान सिंह व एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर हरपेंद्र सिंह व पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने ग्रामीणों से बात की। नाराज ग्रामीणों का कहना था कि एक ही खेवट में 42 लोग शामिल हैं, लेकिन मुआवजा केवल सात लोगों को मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि चार साल बीतने के बाद भी उनके खातों में मुआवजे की राशि नहीं डाली गई है। 
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नाराज ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन आवासीय है, लेकिन मुआवजा खेत की जमीन के भाव से दिया जा रहा है। प्रशासन ने पास की जमीन का मुआवजा एक करोड़ सात लाख रुपये प्रति एकड़ दिया है जबकि उन्हें केवल 35 लाख रुपये प्रति एकड़ देने की बात कही गई।

मामला साल 2020 का है। तब से अब तक पैसे नहीं मिले। उनका कहना था कि इस वक्त उस जमीन का बाजार भाव तीन करोड़ 21 लाख रुपये प्रति एकड़ है। ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि जब उन्हें 35 लाख रुपये देने की बात हुई थी तब उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर दिया था। अब तक मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी ग्रामीणों से बात करने से बचते रहे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मामला कोर्ट में है, कोर्ट जाने और किसान जानें। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट मैनेजर हरपिंद्र ने बताया कि अथारिटी ने पैसा जमा करवाया हुआ है पर उन रुपयों के लिए केस केवल सात लोगों ने डाला। अब चूंकि मामला कोर्ट के अधीन है इसलिए बचे लोगों को कोर्ट के माध्यम से ही रुपया मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से निर्माण कार्य को जारी करने की गुजारिश की पर नाराजगी जताते लोगों का कहना था कि जब तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे प्रोजेक्ट का काम नहीं होने देंगे। तहसीलदार दिनेश ढिल्लों ने बताया कि ग्रामीणों को अधिग्रहण की गई जमीन की मुआवजा राशि नहीं मिली है।

ग्रामीणों और एनएचएआई अधिकारियों के शिष्ट मंडल के साथ बैठक हुई है। पूरा मामला माननीय जिला उपायुक्त के संज्ञान है। जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो जाएगा।


उल्लेखनीय है कि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे, दिल्ली को जम्मू-कश्मीर के कटरा से जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे है. यह एक्सप्रेसवे, हरियाणा के बहादुरगढ़ से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर के कटरा में खत्म होता है. यह एक्सप्रेसवे, भारतमाला परियोजना का हिस्सा है।
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