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Kaithal News: धान खरीद और उठान नहीं होने पर किसानों का प्रदर्शन, कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला
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किसान नेता विक्रम कसाना किसानों के साथ गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी कर रोष जताते हुए। संवाद
- फोटो : samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान में देरी से किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ढांड अनाज मंडी में सोमवार को किसानों ने खरीद व्यवस्था में लापरवाही और फसल के कम दाम मिलने के विरोध में मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि खरीद और उठान की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पंचमुखी चौक पर ट्रॉलियां रोककर धान डालेंगे और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे। किसान नेता विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि किसान कई दिनों से मंडियों में अपनी फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद और उठान सुचारू रूप से नहीं हो रहा। मंडी से बाहर सड़कों पर पड़ी धान की फसल भी करीब 15 दिनों से खरीद का इंतजार कर रही है। खुले में पड़ी फसल अंकुरित होने से किसानों का नुकसान बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 17 प्रतिशत नमी वाली धान के भी करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव लगाए जा रहे हैं, जबकि किसानों को उचित मूल्य मिलना चाहिए। कसाना ने कहा कि खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडी में आने के बजाय मिलरों के प्रतिष्ठानों पर बैठकर रजिस्टरों में खरीद कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मंडी कमेटी के कर्मचारी मौजूद नहीं रहे तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
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मिलरों पर कम कीमत में धान खरीदने का आरोप
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ राइस मिलरों और खरीद एजेंसियों की कथित मिलीभगत से किसानों को नुकसान हो रहा है। विक्रम कसाना के अनुसार, ढांड के कई राइस मिलरों की अपनी आढ़त की दुकानें भी हैं। आरोप है कि मिलर अपने नुमाइंदों के माध्यम से निगदू, नीलोखेड़ी, जूंडला, पुंडरी और पेहवा समेत अन्य मंडियों से कम कीमत पर धान खरीदकर अपनी आढ़त की दुकानों पर मंगवाते हैं। वहां से फसल का उठान भी तुरंत करवा लिया जाता है जबकि स्थानीय आढ़तियों की दुकानों पर रखी धान का उठान प्रभावित होता है।
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अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू करवाई खरीद
तालाबंदी की सूचना मिलने पर ढांड के नोडल अधिकारी अमित माथुर, मार्केट कमेटी सचिव लव गुप्ता, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि और थाना प्रभारी बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और मंडी में जाकर धान की खरीद सुचारू करवाने की कार्रवाई की। अधिकारियों ने अगले दो दिनों में खरीद और उठान की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। मार्केट कमेटी सचिव लव गुप्ता ने कहा कि सरकारी मापदंडों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाली धान की खरीद एमएसपी पर की जा रही है और किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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ढांड। अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान में देरी से किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ढांड अनाज मंडी में सोमवार को किसानों ने खरीद व्यवस्था में लापरवाही और फसल के कम दाम मिलने के विरोध में मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि खरीद और उठान की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पंचमुखी चौक पर ट्रॉलियां रोककर धान डालेंगे और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे। किसान नेता विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि किसान कई दिनों से मंडियों में अपनी फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद और उठान सुचारू रूप से नहीं हो रहा। मंडी से बाहर सड़कों पर पड़ी धान की फसल भी करीब 15 दिनों से खरीद का इंतजार कर रही है। खुले में पड़ी फसल अंकुरित होने से किसानों का नुकसान बढ़ रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि 17 प्रतिशत नमी वाली धान के भी करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव लगाए जा रहे हैं, जबकि किसानों को उचित मूल्य मिलना चाहिए। कसाना ने कहा कि खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडी में आने के बजाय मिलरों के प्रतिष्ठानों पर बैठकर रजिस्टरों में खरीद कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मंडी कमेटी के कर्मचारी मौजूद नहीं रहे तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
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मिलरों पर कम कीमत में धान खरीदने का आरोप
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ राइस मिलरों और खरीद एजेंसियों की कथित मिलीभगत से किसानों को नुकसान हो रहा है। विक्रम कसाना के अनुसार, ढांड के कई राइस मिलरों की अपनी आढ़त की दुकानें भी हैं। आरोप है कि मिलर अपने नुमाइंदों के माध्यम से निगदू, नीलोखेड़ी, जूंडला, पुंडरी और पेहवा समेत अन्य मंडियों से कम कीमत पर धान खरीदकर अपनी आढ़त की दुकानों पर मंगवाते हैं। वहां से फसल का उठान भी तुरंत करवा लिया जाता है जबकि स्थानीय आढ़तियों की दुकानों पर रखी धान का उठान प्रभावित होता है।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू करवाई खरीद
तालाबंदी की सूचना मिलने पर ढांड के नोडल अधिकारी अमित माथुर, मार्केट कमेटी सचिव लव गुप्ता, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि और थाना प्रभारी बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और मंडी में जाकर धान की खरीद सुचारू करवाने की कार्रवाई की। अधिकारियों ने अगले दो दिनों में खरीद और उठान की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। मार्केट कमेटी सचिव लव गुप्ता ने कहा कि सरकारी मापदंडों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाली धान की खरीद एमएसपी पर की जा रही है और किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।