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Kaithal News: किसानों का प्रदर्शन, 31 को महापंचायत का एलान
Sat, 03 Aug 2024 05:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 03 Aug 2024 05:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश समेत अन्य राज्यों में हरियाणा सरकार के पुतले जलाए गए। साथ ही तय किया गया कि 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 31 को महापंचायत का आयोजन होगा।
आरोप है हरियाणा सरकार ने किसानों पर गोलियां चलवाने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने की सिफारिश केंद्र को भेजी थी। इसके विरोध में सरकार के पुतले जलाए गए। किसान नेताओं ने बताया कि कभी जनरल डायर ने भारतीयों पर गोलियां चलवाई थी और बाद में उसे ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया था, उसी तरह अब 13, 14 एवं 21 फरवरी को किसानों पर गोलियां चलवाने वाले अधिकारियों को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित करने की सिफारिश की है। यदि ऐसे अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है तो वो लोकतंत्र के लिए काला दिवस होगा।
नेताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, संभल समेत कई जिलों में किसान नेताओं को घर में ही नजरबंद किया गया और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। किसान नेताओं के अनुसार 15 अगस्त को देशभर में जिला व तहसील स्तर पर किसान ट्रैक्टर मार्च करेंगे, 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शंभू व खनौरी बॉर्डर पर बड़ी महापंचायत करेंगे।
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इसी के साथ किसान आंदोलन की मजबूती के लिए 27 अगस्त को तमिलनाडु के तिरछी, 29 अगस्त को कर्नाटक के हुबली, एक सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल, 15 सितंबर को जींद के उचाना की नई अनाज मंडी व 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत व जनसंभा की
जाएंगी। इस मौके पर होशियार गिल, जसविंद्र ढुल, भाना सेगा, रामेश्वर आजाद, बंसी, शमशेर तीतरम, लीला तितरम, काला भाना, विपिन, प्रेम, रणवीर ढुल आदि किसान नेता मौजूद रहे।
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कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश समेत अन्य राज्यों में हरियाणा सरकार के पुतले जलाए गए। साथ ही तय किया गया कि 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 31 को महापंचायत का आयोजन होगा।
आरोप है हरियाणा सरकार ने किसानों पर गोलियां चलवाने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने की सिफारिश केंद्र को भेजी थी। इसके विरोध में सरकार के पुतले जलाए गए। किसान नेताओं ने बताया कि कभी जनरल डायर ने भारतीयों पर गोलियां चलवाई थी और बाद में उसे ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया था, उसी तरह अब 13, 14 एवं 21 फरवरी को किसानों पर गोलियां चलवाने वाले अधिकारियों को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित करने की सिफारिश की है। यदि ऐसे अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है तो वो लोकतंत्र के लिए काला दिवस होगा।
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नेताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, संभल समेत कई जिलों में किसान नेताओं को घर में ही नजरबंद किया गया और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। किसान नेताओं के अनुसार 15 अगस्त को देशभर में जिला व तहसील स्तर पर किसान ट्रैक्टर मार्च करेंगे, 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शंभू व खनौरी बॉर्डर पर बड़ी महापंचायत करेंगे।
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इसी के साथ किसान आंदोलन की मजबूती के लिए 27 अगस्त को तमिलनाडु के तिरछी, 29 अगस्त को कर्नाटक के हुबली, एक सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल, 15 सितंबर को जींद के उचाना की नई अनाज मंडी व 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत व जनसंभा की
जाएंगी। इस मौके पर होशियार गिल, जसविंद्र ढुल, भाना सेगा, रामेश्वर आजाद, बंसी, शमशेर तीतरम, लीला तितरम, काला भाना, विपिन, प्रेम, रणवीर ढुल आदि किसान नेता मौजूद रहे।