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प्रधानमंत्री के फ्लैगशिप कार्यक्रम को लेकर कैथल के गुप्तचर विभाग की बड़ी असफलता
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शनिवार को जाट शाईनिंग स्टार स्कूल में कोरोना वैक्सीनेशन के शुभारंभ से पहले किसान आंदोलनकारियों द्वारा विरोध करना गुप्तचर विभाग की बड़ी असफलता है। तीन दिनों से जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जाट शाईनिंग स्टार स्कूल में तैयारियां की जा रही थीं। डीसी सुजान सिंह यादव ने भी यहां ड्राई रन के दौरान दौरा करके आवश्यक निर्देश जारी किए थे। लेकिन किसानों के रूख का गुप्तचर विभाग को भनक तक नहीं लगी।
शनिवार को पूरे देश में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा था। उस समय कैथल के जाट शाईनिंग स्टार स्कूल में किसान आंदोलनकारी अभियान के उद्घाटन से पहले ही रोष प्रकट करने पहुंच गए। मौके पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि उस समय पुलिस कर्मचारी भी मौके पर नहीं थे। तीन होमगार्ड जरूर तैनात थे। जो स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल किए गए थे। हंगामे की सूचना के बाद डीएसपी मौके पर पहुंचे।
क्या यह गुप्तचर विभाग का विफलता नहीं -सरकार की आंख, नाक एवं कान कहे जाने वाले गुप्तचर विभाग की ऐसे कार्यक्रमों व विरोध आदि की पूर्व अनुमान की ड्यूटी रहती है। लेकिन यहां होने वाले विरोध की योजना को पकड़ने में कैथल का गुप्तचर विभाग पूरी तरह से फेल नजर आया। यदि पहले से ही गुप्तचर विभाग का इनपुट होता तो शायद स्वास्थ्य विभाग या फिर जिला प्रशासन जाट शाईनिंग स्टार स्कूल से वैक्सीन सेंटर बदलकर किसी सरकारी भवन में कर सकता था और विरोध की इस घटना को टाला जा सकता था। क्योंकि आंदोलनकारी किसान नेताओं का यही कहना था कि प्रशासन द्वारा जाट स्कूल में अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों को वैक्सीन देने के लिए क्यों चुना? पहले विधायक व अधिकारी खुद वैक्सीन लगवाएं।
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कैथल में विरोध के बाद सभी वैक्सीन केंद्रों पर बढ़ाई गई सुरक्षा -सूत्रों ने बताया कि कैथल के वैक्सीन सेंटर पर विरोध के बाद प्रदेश के लगभग सभी वैक्सीन सेंटरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। संबंधित पुलिस थानों के एसएचओ विरोध की सूचना मिलने पर तुरंत वैक्सीनेशन सेंटरों पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसपी लोकेंद्र सिंह का कहना है कि यह सीआईडी के फेल्योर होने जैसी कोई बात नहीं है। सब कुछ अचानक हुआ। मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई थी।
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शनिवार को पूरे देश में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा था। उस समय कैथल के जाट शाईनिंग स्टार स्कूल में किसान आंदोलनकारी अभियान के उद्घाटन से पहले ही रोष प्रकट करने पहुंच गए। मौके पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि उस समय पुलिस कर्मचारी भी मौके पर नहीं थे। तीन होमगार्ड जरूर तैनात थे। जो स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल किए गए थे। हंगामे की सूचना के बाद डीएसपी मौके पर पहुंचे।
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क्या यह गुप्तचर विभाग का विफलता नहीं -सरकार की आंख, नाक एवं कान कहे जाने वाले गुप्तचर विभाग की ऐसे कार्यक्रमों व विरोध आदि की पूर्व अनुमान की ड्यूटी रहती है। लेकिन यहां होने वाले विरोध की योजना को पकड़ने में कैथल का गुप्तचर विभाग पूरी तरह से फेल नजर आया। यदि पहले से ही गुप्तचर विभाग का इनपुट होता तो शायद स्वास्थ्य विभाग या फिर जिला प्रशासन जाट शाईनिंग स्टार स्कूल से वैक्सीन सेंटर बदलकर किसी सरकारी भवन में कर सकता था और विरोध की इस घटना को टाला जा सकता था। क्योंकि आंदोलनकारी किसान नेताओं का यही कहना था कि प्रशासन द्वारा जाट स्कूल में अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों को वैक्सीन देने के लिए क्यों चुना? पहले विधायक व अधिकारी खुद वैक्सीन लगवाएं।
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कैथल में विरोध के बाद सभी वैक्सीन केंद्रों पर बढ़ाई गई सुरक्षा -सूत्रों ने बताया कि कैथल के वैक्सीन सेंटर पर विरोध के बाद प्रदेश के लगभग सभी वैक्सीन सेंटरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। संबंधित पुलिस थानों के एसएचओ विरोध की सूचना मिलने पर तुरंत वैक्सीनेशन सेंटरों पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसपी लोकेंद्र सिंह का कहना है कि यह सीआईडी के फेल्योर होने जैसी कोई बात नहीं है। सब कुछ अचानक हुआ। मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई थी।