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अनाज मंडी में रही पूर्ण हड़ताल, धान की बिक्री के इंतजार में बैठे रहे किसान
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कृषि अध्यादेशों और आढ़तियों की कई अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को जिले भर की अनाज मंडियों में हड़ताल रही। कैथल नई अनाज मंडी में आढ़तियों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया। साथ ही खरीद का काम बंद रखा। जिस कारण धान लेकर पहुंचे किसान व्यवस्था को कोसते नजर आए। किसानों ने कहा कि एक तो कीमत पूरी नहीं मिल रही, दूसरा अब यह बिक भी नहीं रही। वे जाएं तो कहां जाएं।
आढ़तियों की हड़ताल में मुनीमों व मजदूरों न भी पुरा सहयोग दिया। मंडी के आढ़तियों ने बैठक व प्रदर्शन कर इन अध्यादेशों का वापस लेने तथा खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव पीके दास को बदलने की मांग की है। सबसे पहले मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंडी के आढ़तियों, मुनीमों व मजदूरों की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला तथा नई अनाज मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल ने की। आढ़तियों ने कहा कि सरकार प्रदेश के लाखों लोगों से उनकी रोजी रोटी छीन रही है। हम अपनी रोजी रोटी छिनने नही देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन अध्यादेशों के माध्यम से किसानों की उपज का समर्थन मूल्य समाप्त करना चाहती है, जिसके कारण सरकार ने मंडी व्यवस्था परिवर्तन किया है। सरकार मंडी के अंदर किसान की उपज खरीदने व बेचने पर टेक्स लगाया गया, परंतु बाहर व प्राईवेट मंडियों में यह टेक्स समाप्त कर दिया गया। हम यह मंडी व्यवस्था नहीं बदलने देंगे। शोरेवाला ने बताया कि देश के अंदर किसानों की केवल 7 प्रतिशत फसल ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती ेहै, बाकी की प्राइवेट सेक्टर में बिकती है। उन्होंने कहा कि जो भी राइस मिल मालिक मंडी के आढ़तियों की बिना अनुमति से सीधे तौर पर खरीद करेगा, उसका पूरे प्रदेश की मंडियों में बहिष्कार किया जाएगा, बेशक से वह किसी नेता या मंत्री का ही राइस मिल क्यों न हो। उन्होंने कहा कि यह उल्टी शिक्षा सरकार को खाद्य आपूर्ति का मुख्य सचिव पीके दास दे रहा है। इसके बाद मंडी के आढ़तियों मंडी का चक्कर लगाते हुए मार्केट कमेटी में जाकर सरकार व पीके दास के खिलाफ नारे लगाए। उसके बाद सभी आढ़तियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। इस अवसर पर प्रधान अश्ववनी शोरेवाला, रामनिवास मितल, रामेश्वर व अन्य आढ़ती मौजूद थे।
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आढ़तियों की हड़ताल में मुनीमों व मजदूरों न भी पुरा सहयोग दिया। मंडी के आढ़तियों ने बैठक व प्रदर्शन कर इन अध्यादेशों का वापस लेने तथा खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव पीके दास को बदलने की मांग की है। सबसे पहले मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंडी के आढ़तियों, मुनीमों व मजदूरों की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला तथा नई अनाज मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल ने की। आढ़तियों ने कहा कि सरकार प्रदेश के लाखों लोगों से उनकी रोजी रोटी छीन रही है। हम अपनी रोजी रोटी छिनने नही देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन अध्यादेशों के माध्यम से किसानों की उपज का समर्थन मूल्य समाप्त करना चाहती है, जिसके कारण सरकार ने मंडी व्यवस्था परिवर्तन किया है। सरकार मंडी के अंदर किसान की उपज खरीदने व बेचने पर टेक्स लगाया गया, परंतु बाहर व प्राईवेट मंडियों में यह टेक्स समाप्त कर दिया गया। हम यह मंडी व्यवस्था नहीं बदलने देंगे। शोरेवाला ने बताया कि देश के अंदर किसानों की केवल 7 प्रतिशत फसल ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती ेहै, बाकी की प्राइवेट सेक्टर में बिकती है। उन्होंने कहा कि जो भी राइस मिल मालिक मंडी के आढ़तियों की बिना अनुमति से सीधे तौर पर खरीद करेगा, उसका पूरे प्रदेश की मंडियों में बहिष्कार किया जाएगा, बेशक से वह किसी नेता या मंत्री का ही राइस मिल क्यों न हो। उन्होंने कहा कि यह उल्टी शिक्षा सरकार को खाद्य आपूर्ति का मुख्य सचिव पीके दास दे रहा है। इसके बाद मंडी के आढ़तियों मंडी का चक्कर लगाते हुए मार्केट कमेटी में जाकर सरकार व पीके दास के खिलाफ नारे लगाए। उसके बाद सभी आढ़तियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। इस अवसर पर प्रधान अश्ववनी शोरेवाला, रामनिवास मितल, रामेश्वर व अन्य आढ़ती मौजूद थे।
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