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बारिश से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
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पिछले तीन दिनों में बरसे 50 एमएम से अधिक पानी के कारण किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। वीरवार को भी करीब 20 एमएम बारिश हुई। बुधवार को लगभग 28 एमएम और मंगलवार को भी 3 एमएम के लगभग बारिश हुई थी। जिसका सीधा असर जिले की 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर में रोपी गई धान की फसल पर हुआ है। इस समय धान की कई किस्में इस समय पक कर तैयार खड़ी हैं। साथ ही बारिश के कारण फसल का दाना यदि डिस्कलर हो गया तो उसकी कीमतों पर भी असर होगा।
करीब दस दिनों से मंडियों में धान की आवक ने जोर पकड़ लिया था। 1509 के साथ-साथ पीआर ग्रुप की धान की आवक मंडियों में हो रही थी। तीन दिन से जारी कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के कारण धान की कटाई पर असर हुआ। किसानों ने जहां कटाई बंद कर दी। वहीं, ज्यादा बारिश की स्थिति में कंबाइन से कटाई करना भी संभव नहीं हैं। जिस कारण मंडियों में आवक लगभग रुक गई है।
वीरवार दोपहर बाद भी तेज बारिश हुई। सायं तक लगभग 28 एमएम पानी बरसा। जो फसल मंडियों में खुले में पड़ी थी, वह भी बारिश में भीग गई और खेतों में पक कर तैयार हुई फसल में 5 से 10 प्रतिशत व जहां हवाओं के साथ फसल जमीन पर गिर गई है, वहां 20 प्रतिशत के लगभग नुकसान की संभावनाएं हैं।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्विट करके बारिश के कारण हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए हैं। डीआरओ राजकुमार एवं डीडीए डॉ. कर्मचंद ने बताया कि सीएम ने ट्विट करके गिरदावरी के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को उम्मीद है ये आदेश मिल जाएंगे और फसलों में हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा का कहना है कि जो फसल पूरी तरह से पक गई है, उसमें 5 से 10 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। वहीं, जो फसल हवा के कारण गिर गई, उसमें ज्यादा नुकसान की संभावनाएं हैं। काफी क्षेत्र में डिस्कलर होने से भी किसानों को नुकसान होगा।
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करीब दस दिनों से मंडियों में धान की आवक ने जोर पकड़ लिया था। 1509 के साथ-साथ पीआर ग्रुप की धान की आवक मंडियों में हो रही थी। तीन दिन से जारी कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के कारण धान की कटाई पर असर हुआ। किसानों ने जहां कटाई बंद कर दी। वहीं, ज्यादा बारिश की स्थिति में कंबाइन से कटाई करना भी संभव नहीं हैं। जिस कारण मंडियों में आवक लगभग रुक गई है।
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वीरवार दोपहर बाद भी तेज बारिश हुई। सायं तक लगभग 28 एमएम पानी बरसा। जो फसल मंडियों में खुले में पड़ी थी, वह भी बारिश में भीग गई और खेतों में पक कर तैयार हुई फसल में 5 से 10 प्रतिशत व जहां हवाओं के साथ फसल जमीन पर गिर गई है, वहां 20 प्रतिशत के लगभग नुकसान की संभावनाएं हैं।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्विट करके बारिश के कारण हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए हैं। डीआरओ राजकुमार एवं डीडीए डॉ. कर्मचंद ने बताया कि सीएम ने ट्विट करके गिरदावरी के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को उम्मीद है ये आदेश मिल जाएंगे और फसलों में हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा का कहना है कि जो फसल पूरी तरह से पक गई है, उसमें 5 से 10 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। वहीं, जो फसल हवा के कारण गिर गई, उसमें ज्यादा नुकसान की संभावनाएं हैं। काफी क्षेत्र में डिस्कलर होने से भी किसानों को नुकसान होगा।