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सांसद के रेस्ट हाउस पहुंचने की सूचना पर काले झंडे लेकर पहुंचे किसान
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Farmers arrived with black flags on the information of MP reaching rest house
- फोटो : Kaithal
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रविवार शाम सांसद नायब सैनी के पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान विरोध करने के लिए काले झंडे लेकर अंबाला रोड पर एकत्रित हो गए। किसानों ने रेस्ट हाउस के बाहर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब साढ़े पांच बजे सांसद को यहां पहुंचना था, लेकिन विरोध को देखते हुए उन्होंने रेस्ट हाउस की बजाए भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत की।
वहीं अंबाला रोड पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसान रेस्ट हाउस के गेट के बीच बैठ गए। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान नोकझोंक हुई। किसानों ने रास्ता खोलने से साफ मना कर दिया। भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल, महाबीर चहल नरड़, नरेंद्र माघो माजरी, भरत सिंह बेनीवाल ने कहा कि बीते दिन बसताड़ा टोल पर किसानों पर पुलिस प्रशासन ने लाठियां बरसाई हैं, जिसके कारण एक युवा किसान की मौत हो गई है। यदि पुलिस प्रशासन को लाठियां ही बरसानी हैं तो उन पर भी बरसाए, लेकिन वह सांसद का विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती तब तक सरकार का विरोध लगातार जारी रहेगा। करीब एक घंटे तक नारेबाजी कर किसान वहां से चले गए। बाद में सांसद नायब सैनी ने भी रेस्ट हाउस में जाने की बजाए सेक्टर-19 में स्थित जिला भाजपा कार्यालय में पहुंच कर मीडिया से बातचीत की।
कांग्रेसी नेत्री अनिता ढुल बड़सीकरी व राजेश अंबरसर ने कहा कि करनाल में शांतिप्रिय तरीके से विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। जिससे साफ साबित होता है कि भाजपा जजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिप्रिय ढंग से धरने दे रहे है। लेकिन भाजपा जजपा सरकार किसानों के साथ बार बार अन्याय कर रही है। वे इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि धरने पर बैठे किसानों को नौ माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। संवाद
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ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने करनाल के बसताडा टोल प्लाजा पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड बाबूराम ने कहा कि पिछले 9 महीने से केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन काले कृषि कानूनों व बिजली बिल 2020 का किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। हरियाणा-पंजाब में किसानों द्वारा भाजपा के कार्यक्रमों के विरोध का एलान किया हुआ हैं। करनाल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसान इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन हरियाणा सरकार व पुलिस प्रशासन ने अचानक किसानों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। जिसमें बहुत से किसानों को गंभीर चोटें आई हैं। अनेकों किसानों को हिरासत में लिया गया। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन सरकार के इस कायराना हमले की घोर निंदा करता है और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करता है। संवाद
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वहीं अंबाला रोड पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसान रेस्ट हाउस के गेट के बीच बैठ गए। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान नोकझोंक हुई। किसानों ने रास्ता खोलने से साफ मना कर दिया। भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल, महाबीर चहल नरड़, नरेंद्र माघो माजरी, भरत सिंह बेनीवाल ने कहा कि बीते दिन बसताड़ा टोल पर किसानों पर पुलिस प्रशासन ने लाठियां बरसाई हैं, जिसके कारण एक युवा किसान की मौत हो गई है। यदि पुलिस प्रशासन को लाठियां ही बरसानी हैं तो उन पर भी बरसाए, लेकिन वह सांसद का विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती तब तक सरकार का विरोध लगातार जारी रहेगा। करीब एक घंटे तक नारेबाजी कर किसान वहां से चले गए। बाद में सांसद नायब सैनी ने भी रेस्ट हाउस में जाने की बजाए सेक्टर-19 में स्थित जिला भाजपा कार्यालय में पहुंच कर मीडिया से बातचीत की।
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कांग्रेसी नेत्री अनिता ढुल बड़सीकरी व राजेश अंबरसर ने कहा कि करनाल में शांतिप्रिय तरीके से विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। जिससे साफ साबित होता है कि भाजपा जजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिप्रिय ढंग से धरने दे रहे है। लेकिन भाजपा जजपा सरकार किसानों के साथ बार बार अन्याय कर रही है। वे इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि धरने पर बैठे किसानों को नौ माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। संवाद
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ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने करनाल के बसताडा टोल प्लाजा पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड बाबूराम ने कहा कि पिछले 9 महीने से केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन काले कृषि कानूनों व बिजली बिल 2020 का किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। हरियाणा-पंजाब में किसानों द्वारा भाजपा के कार्यक्रमों के विरोध का एलान किया हुआ हैं। करनाल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसान इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन हरियाणा सरकार व पुलिस प्रशासन ने अचानक किसानों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। जिसमें बहुत से किसानों को गंभीर चोटें आई हैं। अनेकों किसानों को हिरासत में लिया गया। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन सरकार के इस कायराना हमले की घोर निंदा करता है और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करता है। संवाद