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Kaithal News: खरीद न होने से किसानों में सरकार के प्रति रोष ः बजरंग गर्ग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:23 AM IST
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Farmers are angry towards the government due to lack of procurement: Bajrang Garg
कैथल। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कांफेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने धान की सरकारी खरीद न होने पर सरकारी खरीद एजेंसियों व सरकार को घेरा है। कहा कि किसानों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
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उन्होंने रविवार को राइस मिलरों और आढ़तियों के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। कहा कि किसान अपना धान बेचने के लिए मंडियों में धक्के खा रहा है लगभग 95 हजार टन से ज्यादा धान मंडियों में पड़ा है। धान की सरकारी खरीद ना होने के कारण किसानों में रोष है।
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उन्होंने कहा कि पिछले चार सीजन का लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा राइस मिलरों का सरकार की तरफ जो बकाया है। सरकार जो राइस मिलरों को धान देती है और 100 किलो धान के बदले सरकार ने 67.5 किलो चावल लेने का नियम बनाया हुआ है जो सरासर गलत है। जबकि 100 किलो धान में 60 किलो चावल ही निकलता है। सरकार को मिलरों से 60 किलो चावल लेने का नियम बनाना चाहिए।
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गर्ग ने कहा कि धान की पिनाई करके चावल निकालने की मिलिंग 30 सालों से सिर्फ सरकार राइस मिलरों को 10 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है। जबकि धान पिनाई का खर्च लगभग 120 रुपये प्रति क्विंटल आता है। अब लेबर खर्च अनाप-शनाप बढ़ चुके हैं। गर्ग आरोप लगाते हुए ने कहा कि राइस मिलर जो गाड़ियां एफसीआई के लिए लगाता है, चावल पास करने के नाम पर 10 हजार रुपये खुलेआम एफसीआई के अधिकारी राइस मिलरों से ले रहे हैं। जो रुपये नहीं देता है तो उसका चावल अधिकारी रिजेक्ट कर देते हैं। संवाद
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