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Kaithal News: एमएसपी पर धान की खरीद न होने से किसानों में गुस्सा
Fri, 18 Oct 2024 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 18 Oct 2024 01:13 AM IST
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कैथल। निर्धारित मूल्य पर धान की खरीद न किए जाने से नाराज किसानों ने किसान व प्रशासन के प्रति रोष जताया। गुस्साए किसानों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी डीसी को सौंपा।
इस ज्ञापन में किसान सुरेश कसान, मनीराम सरेंगल, सूरजमल, राकेश कुकरकंडा, पवन कुकरकंडा, जगत राम खेड़ीशेरू, मुल्तान सिंह करोड़ा आदि ने कहा कि किसानों द्वारा जो धान मंडियों में लाई जा रही है उसे नियम के अनुसार नहीं खरीदा जा रहा है बल्कि आढ़ती मनमाने ढंग से किसानों की धान औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। आढ़ती धान खराब होने का हवाला देकर निर्धारित रेट 2320 रुपये में ना खरीद कर 1900 से लेकर 2170 रुपशशे तक खरीद रहे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नाराज किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान केवल दिखावे के लिए एमएसपी का ढोल पीट कर रही है लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एमएसपी सिर्फ खबरों तक ही है। धरातल की सच्चाई यह है कि किसानों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि उनके धान की फसल सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खरीदी जाए।
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डीसी डाॅ. विवेक भारती ने कहा कि कुछ किसान उनसे मिले थे। उन्होंने तुरंत ही डीएफएससी को निर्देश दिए हैं कि वे मामले में तुरंत संज्ञान लें। संवाद
उन्होंने कहा कि कई बार धान में नमी की मात्रा, टुकड़े के कारण भी रेट कम लग पाते हैं।
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इस ज्ञापन में किसान सुरेश कसान, मनीराम सरेंगल, सूरजमल, राकेश कुकरकंडा, पवन कुकरकंडा, जगत राम खेड़ीशेरू, मुल्तान सिंह करोड़ा आदि ने कहा कि किसानों द्वारा जो धान मंडियों में लाई जा रही है उसे नियम के अनुसार नहीं खरीदा जा रहा है बल्कि आढ़ती मनमाने ढंग से किसानों की धान औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। आढ़ती धान खराब होने का हवाला देकर निर्धारित रेट 2320 रुपये में ना खरीद कर 1900 से लेकर 2170 रुपशशे तक खरीद रहे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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नाराज किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान केवल दिखावे के लिए एमएसपी का ढोल पीट कर रही है लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एमएसपी सिर्फ खबरों तक ही है। धरातल की सच्चाई यह है कि किसानों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि उनके धान की फसल सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खरीदी जाए।
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डीसी डाॅ. विवेक भारती ने कहा कि कुछ किसान उनसे मिले थे। उन्होंने तुरंत ही डीएफएससी को निर्देश दिए हैं कि वे मामले में तुरंत संज्ञान लें। संवाद
उन्होंने कहा कि कई बार धान में नमी की मात्रा, टुकड़े के कारण भी रेट कम लग पाते हैं।