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चंदलाना गांव में किसान का बेटा देवदत्त बना जज
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29-कैथल। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बने देव दत्त शर्मा
- फोटो : Kaithal
कैथल। गांव चंदलाना में किसान का बेटा देवदत्त यूपी में जज बना है। देवदत्त के जज बनने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस में जिले के गांव चंदलाना निवासी देवदत्त ने 28वां रैंक प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से परिवार के सदस्यों ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लोगों को देवदत्त शर्मा पर गर्व है। उनके जज बनने की सूचना मिलने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों को तांता लगा है।
देवदत्त शर्मा के पिता सोहन लाल गांव के पूर्व सरपंच हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जारी परीक्षा परिणाम में देवदत्त सीधी भर्ती के तहत अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) के पद पर चयनित हुए हैं। वह चंदलाना किसान परिवार से हैं। माता फूलपति गृहिणी हैं। देवदत्त ने बताया उन्होंने बीए तक की पढ़ाई कुरुक्षेत्र विश्वद्यिालय से की। इसके बाद एमडीयू विश्वविद्यालय रोहतक से एलएलबी की पढ़ाई की। बाद में वकालत करने लगे। पंजाब के पटियाला में पिछले सात साल से सरकारी वकील के रूप में वह कार्यरत थे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश से प्रेरित हो बने जज
अपनी सफलता के बारे में देवदत्त शर्मा ने बताया कि रोहतक में वकालत की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्र शेखर वशिष्ट व शिव कुमार आंहू से हुई थी। उन्होंने उन्हें जज बनने के लिए प्रेरित किया। दोनों की प्रेरणा और अपनी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। परीक्षा परिणाम में उन्होंने उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा पास उन्होंने लक्ष्य प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि 2015 में वे उप जिला न्यायवादी (डीडीए) नियुक्त हुए थे।
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पंजाब राज्य के पटियाला में कार्यरत हुए। इसके बाद उनकी पदोन्नति हुई और वे वर्तमान में जिला न्यायवदी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व में उनकी नियुक्ति वर्ष 2015 में सीबीआई में भी हुई थी लेकिन उन्होंने वहां नियुक्ति नहीं ली। देवदत्त शर्मा ने बताया कि 2022 में उन्होंने यूपी हायर ज्यूडिशियल की परीक्षा दी। जुलाई 2022 में परीक्षा का परिणाम आया। इसके बाद अगस्त में साक्षात्कार हुए। अब फाइनल परिणाम में उन्होंने 28वां रैंक हासिल किया।
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देवदत्त शर्मा के पिता सोहन लाल गांव के पूर्व सरपंच हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जारी परीक्षा परिणाम में देवदत्त सीधी भर्ती के तहत अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) के पद पर चयनित हुए हैं। वह चंदलाना किसान परिवार से हैं। माता फूलपति गृहिणी हैं। देवदत्त ने बताया उन्होंने बीए तक की पढ़ाई कुरुक्षेत्र विश्वद्यिालय से की। इसके बाद एमडीयू विश्वविद्यालय रोहतक से एलएलबी की पढ़ाई की। बाद में वकालत करने लगे। पंजाब के पटियाला में पिछले सात साल से सरकारी वकील के रूप में वह कार्यरत थे।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश से प्रेरित हो बने जज
अपनी सफलता के बारे में देवदत्त शर्मा ने बताया कि रोहतक में वकालत की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्र शेखर वशिष्ट व शिव कुमार आंहू से हुई थी। उन्होंने उन्हें जज बनने के लिए प्रेरित किया। दोनों की प्रेरणा और अपनी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। परीक्षा परिणाम में उन्होंने उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा पास उन्होंने लक्ष्य प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि 2015 में वे उप जिला न्यायवादी (डीडीए) नियुक्त हुए थे।
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पंजाब राज्य के पटियाला में कार्यरत हुए। इसके बाद उनकी पदोन्नति हुई और वे वर्तमान में जिला न्यायवदी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व में उनकी नियुक्ति वर्ष 2015 में सीबीआई में भी हुई थी लेकिन उन्होंने वहां नियुक्ति नहीं ली। देवदत्त शर्मा ने बताया कि 2022 में उन्होंने यूपी हायर ज्यूडिशियल की परीक्षा दी। जुलाई 2022 में परीक्षा का परिणाम आया। इसके बाद अगस्त में साक्षात्कार हुए। अब फाइनल परिणाम में उन्होंने 28वां रैंक हासिल किया।