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wheat purchase is not begin, farmer protest for

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 02:25 AM IST
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farmer
सरकार के निर्देशानुसार वीरवार को दी गई गेहूं खरीद की अनुमति के बावजूद मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा गेहूं की आवक दर्ज न किए जाने पर आढ़ती व किसानों ने नाराजगी जताई। गुस्साए आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया और सचिव को बंधक बना लिया। एक दो आढ़ती तो सचिव की टेबल पर भी चढ़ गए। एसडीएम संजय कुमार भी प्रदर्शन की सूचना पर मंडी पहुंचे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आढ़तियों ने घोषणा की है कि यदि गेहूं की खरीद नहीं हुई तो वे मंडी में धरने पर बैठेंगे।
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वीरवार को सरकार ने बची हुई गेहूं की खरीद की अनुमति दी थी। जिसके तहत मंडी में पड़े गेहूं की वीडियोग्राफी करवाई गई। इसके बाद उस गेहूं की खरीद को लेकर इंकार कर दिया गया, जो पहले से मंडी में आई हुई है और आढ़तियों ने उसे सुरक्षित रखा हुआ है। जब दिन भर आढ़तियों की सुनवाई नहीं हुई तो सायं के समय आढ़ती व किसानों ने एकत्रित होकर मार्केट कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। यहां करीब दो घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। विरोध स्वरूप एक आढ़ती तो मार्केट कमेटी सचिव की टेबल पर ही चढ़ गया। गेट पास काटे जाने को लेकर मार्केट कमेटी सचिव व आढ़तियों के बीच काफी तू तड़ाक हुई। लेकिन गेट पास काटने की समस्या का समाधान नहीं निकला। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव ने समस्या को एसडीएम संजय कुमार से अवगत कराया। करीब सवा चार बजे एसडीएम मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। जहां पर आढ़तियों व किसानों की समस्या को सुना। इसके बाद एसडीएम ने डीएम से बातचीत करने के लिए आढ़तियों से 15 मिनट का समय मांगा। मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला, प्रधान श्यामलाल गर्ग, धर्मपाल, ओमप्रकाश, रामफल ने बताया कि लॉकडाउन लगते ही मंडी में गेहूं की खरीद बंद कर दी थी। उसके बाद मार्केट कमेटी द्वारा वीरवार को खरीद करने के लिए निर्देश दिए थे। इसके लिए कमेटी द्वारा किसानों को भी गेहूं मंडी में लाने के लिए संदेश भेजा और जो गेहूं मंडी में खुली पड़ी हुई है वीडियोग्राफी भी करवाई गई। लेकिन अब अधिकारी गेट पास काटने से मना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो गेहूं कट्टों में भरा पड़ा है न तो उसका गेट पास बना रहे और न ही उन किसानों का जो मौके पर मौजूद है। ऐसे में किसान भी परेशान है। आखिर कब तक किसान उनकी फसल का पहरा देते रहेंगे। किसान रामफल बुढ़ाखेडा, शमशेर, राजकुमार, पालाराम, जयपाल, सुरेंद्र ने बताया कि उनके पास गेहूं की खरीद होने की सूचना गई थी। इसलिए वह सुबह आठ बजे ही मंडी में गेहूं बेचने के लिए पहुंच गए थे। लेकिन अब तक भी उनकी ढेरी लिखी नहीं गई है।
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मार्केट कमेटी सचिव रोशनलाल ने कहा कि विभाग के आदेश हैं कि जो गेहूं वीरवार को मंडी में पहुंचा है, उसी के गेटपास काटने हैं। आढ़ती पहले से स्टॉक किए गेहूं के गेटपास काटने की बात कह रहे हैं। उनके पास ऐसी अनुमति नहीं है। आढ़तियों के विरोध के कारण बोली नहीं हो पाई। छह बजे तक वे एक तरह से कार्यालय में बंधक थे। एसडीएम ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि वे शुक्रवार को सुबह नौ बजे मंडी में पहुंच कर समस्या का समाधान करवा देंगे। इसके बाद एसडीएम मौके से चले गए।
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मंडी एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग ने कहा कि मंडी में करीब दस हजार क्विंटल गेहूं खरीद के इंतजार में हैं और अब उनके गेटपास नहीं काटे जा रहे हैं। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मार्केट कमेटी कार्यालय में धरना देंगे।
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