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Kaithal News: अन्न उगाता है किसान, हितों की बात जरूरी ः चढ़ूनी
Sun, 12 Nov 2023 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 12 Nov 2023 01:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। भवानी मंदिर चीका में शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने यूनियन के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान कड़ी मेहनत से अन्न उगाकर देश की जनता का पेट भरता है, इसलिए उसके हितों के लिए बात उठाना जरूरी है।
उन्होंने किसानों को 23 नंवबर को पिपली में आयोजित की जाने वाली जन-आक्रोश रैली का न्योता दिया। साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि आज 50 करोड़ लोगों के बराबर की संपत्ति केवल नौ पूंजीपतियों के पास है, इसलिए सरकारें किसानों की सुनवाई करने की बजाए पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों ने 2020-21 और 2022 का बीमा क्लेम अभी तक किसानों को नहीं दिया है। इससे किसानों में नाराजगी है।
चढूनी ने कहा कि इस बार का चुनाव जाति के नाम पर ना लड़कर किसानों के मुद्दों पर लड़ जाए, ताकि प्रदेश में अन्नदाता के हितों की सरकार बन सके। इस मौके पर सुभाष भागल, महावीर चहल, विक्रम कसाना, केवल संदरहेडी, नरेंद्र चक्कू, जरनैल जैली, जयपाल पूनिया, हरजिंदर नंबरदार, आंसू रोहिल्ला, संदीप संधू, पाला राम भागल, गुरपाल गगड़पुर, गुरजंट टटियाना, गुरबचन सिंह, अधिवक्ता सुखचैन सिंह आदि
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मौजूद रहे।
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गुहला-चीका। भवानी मंदिर चीका में शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने यूनियन के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान कड़ी मेहनत से अन्न उगाकर देश की जनता का पेट भरता है, इसलिए उसके हितों के लिए बात उठाना जरूरी है।
उन्होंने किसानों को 23 नंवबर को पिपली में आयोजित की जाने वाली जन-आक्रोश रैली का न्योता दिया। साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि आज 50 करोड़ लोगों के बराबर की संपत्ति केवल नौ पूंजीपतियों के पास है, इसलिए सरकारें किसानों की सुनवाई करने की बजाए पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों ने 2020-21 और 2022 का बीमा क्लेम अभी तक किसानों को नहीं दिया है। इससे किसानों में नाराजगी है।
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चढूनी ने कहा कि इस बार का चुनाव जाति के नाम पर ना लड़कर किसानों के मुद्दों पर लड़ जाए, ताकि प्रदेश में अन्नदाता के हितों की सरकार बन सके। इस मौके पर सुभाष भागल, महावीर चहल, विक्रम कसाना, केवल संदरहेडी, नरेंद्र चक्कू, जरनैल जैली, जयपाल पूनिया, हरजिंदर नंबरदार, आंसू रोहिल्ला, संदीप संधू, पाला राम भागल, गुरपाल गगड़पुर, गुरजंट टटियाना, गुरबचन सिंह, अधिवक्ता सुखचैन सिंह आदि
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