{"_id":"6446761adf166c66b10af507","slug":"family-of-kaithal-girl-trapped-in-the-ongoing-civil-war-in-sudan-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच फंसा कैथल की बेटी का परिवार, परिजनों ने पीएम से लगाई मदद की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच फंसा कैथल की बेटी का परिवार, परिजनों ने पीएम से लगाई मदद की गुहार
Mon, 24 Apr 2023 05:59 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 24 Apr 2023 05:59 PM IST
सार
दीक्षिता के पिता सुशील कुमार व माता शकुंतला ने बताया कि शादी हाने के बाद ही उनकी बेटी उनके दामाद के साथ सूडान चली गई थी। उनका दामाद सूडान में पिछले 10 वर्षों से मेघा स्टील फेक्टरी में मैनेजर के तौर पर कार्यरत है।
विज्ञापन
फोटो दिखाते परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच फंसी कैथल की बेटी दीक्षिता गुप्ता के परिवार ने उसको सकुशल भारत लाने के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, होम सेक्रेटरी सहित अन्य नेताओं को ई-मेल के जरिए अवगत भी कराया है। लेकिन अभी तक परिवार के पास भारत सरकार की ओर से उनको किसी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं मिला।
विज्ञापन
दीक्षिता के पिता सुशील कमार व माता शकुंतला ने बताया कि उनकी बेटी दीक्षिता की साढ़े तीन साल पहले जींद के अमन के साथ शादी हुई थी। उसकी एक ढ़ाई साल की बेटी अनायशा है। उन्होंने बताया कि शादी हाने के बाद ही उनकी बेटी उनके दामाद के साथ सूडान चली गई थी।
विज्ञापन
उनका दामाद सूडान में पिछले 10 वर्षों से मेघा स्टील फेक्टरी में मैनेजर के तौर पर कार्यरत है। वह छह माह में एक बार 10 दिन के लिए आते थे। वह दिसंबर 2022 में आए थे। उन्होंने कहा कि सूडान में गृह युद्घ के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। सूडान के खारतूम में उनकी बेटी रहती थी, उस जगह के पास भी जमकर बमबारी हो रही है।
विज्ञापन
उसकी बेटी, उसका दामाद व उनकी ढाई साल की बच्ची अनायशा वहां से किसी तरह बचकर निकले। जो अब वहां से एक हजार किलोमीटर की दूरी पर पहुंचे हैं। लेकिन वहां पर भी उनको पूरी तरह से सुरक्षा नहीं मिली है।
दीक्षिता के भाई गौरव ने बताया कि रविवार शाम को छह बजे थोड़ी देर के लिए उनकी बात हुई थी। जिसमें उन्होंने अपने आपको असुरक्षित बताया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व गृह मंत्री तक उनको निकालने के लिए संदेश भेजो, ताकि वह वहां से सुरक्षित भारत पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि उसकी बहन दीक्षिता व उसके जीजा अमन छह दिन तक अपने घर में ही रहे, उनके पास खाने के लिए सामान भी बहुत कम था। जब उनके पास बमबारी होने लगी तो उनको अपना घर भी छोड़ना पड़ा। इस दौरान उनके जीजा से पांच लाख पौंड भी लूट लिए गए। अब उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा सूडान में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से गुहार लगाई है कि सभी भारतीयों को सूडान से निकालकर भारत लाया जाए।