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बेरोजगार युवक-युवतियों से नौकरी व लोन दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
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पुलिस ने नोएडा यूपी सेक्टर-6 से फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए जालसाजी का रैकेट चला रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 32 मोबाइल फोन तथा अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किये गये हैं। सभी आरोपियों का न्यायालय से 01 जुलाई तक पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। आरोप है कि बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी और लोन दिलवाने का झांसा देकर आरोपी ठगी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोगों से आरोपियों ने अब तक लाखों की ठगी की है।
एसपी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राकेश कुमार निवासी माता गेट कैथल की शिकायत पर थाना शहर में 07 मई को केस दर्ज किया गया था, जिसके अनुसार पीड़ित ने कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड देहरादून, उत्तराखंड ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। कंपनी की ओर से ज्वाइनिंग के समय 30 हजार रुपये सैलरी देने की बात कही गई थी, जिसके दौरान 10 फाइलें ओपन करवाने का टारगेट दिया गया। राकेश कुमार द्वारा कंपनी की शर्त के अनुसार 10 फाइलें ओपन करवा दी। साथ ही प्रत्येक फाइल की फीस 4100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी गई। इसके उपरांत कथित कंपनी द्वारा उसे कोई सैलरी नहीं दी गई व न कोई लोन उपलब्ध करवाया गया और उसके द्वारा ट्रांसफर की गई नकदी उक्त फर्जी कंपनी द्वारा हड़प ली गई।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 23 जून शाम को नोएडा सेक्टर-6 में दबिश देकर आरोपी आसमऊ उर्फ आशु-21, सलमान-21 और आवेज-21 सभी निवासी गांव रसूलपुर औरंगाबाद जिला मेरठ उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से वारदातों में उपयोग किए गए 32 मोबाइल फोन व बोगस कंपनी से संबंधित अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वारदात में उपयोग लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी कंपनी की मोहरें व दस्तावेजों की बरामदगी और अब तक कितने व्यक्तियों के साथ कितनी ठगी की जा चुकी है। इसके जानकारी के लिए पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट से 7 दिन के रिमांड पर लिया है। कंपनी में नौकरी देने के लिए आरोपी ऑनलाइन वेबसाइटों से डेटा उठाकर विभिन्न व्यक्तियों को कॉल करके ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी हासिल करने के लिए आवेदन अप्लाई करवाते थे। जब फोन पर बात करने वाला व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था तो वे उसे कंपनी में ज्वाइनिंग कराकर फर्जी लेटर भी ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से भेज देते थे। इसके बाद व्यक्ति ये समझता था कि वह नौकरी पर है, तो ये सभी आरोपी उक्त व्यक्ति को दस फाइल ओपन करने का टारगेट देते थे और एक फाइल की 4100 रुपये फीस
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ऑनलाइन हासिल कर लेते थे। इसके बाद इस तरह की हासिल की गई राशि के बाद पीड़ित का फोन उठाना बंद कर देते थे। सभी आरोपी हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों लोगों को टारगेट बनाकर जालसाजी पूर्वक लाखों रुपये की नकदी ऐंठ चुके हैं। इनसे पूछताछ जारी है।
इन कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूला है कि वे सितंबर 2020 से सेक्टर-6 नोएडा में तीन फर्जी कंपनियों कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अपोलो बिजनेस सॉल्यूशन व इंटरनेशनल बिजनेस सॉल्यूशन के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे, जिसमें नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे।
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एसपी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राकेश कुमार निवासी माता गेट कैथल की शिकायत पर थाना शहर में 07 मई को केस दर्ज किया गया था, जिसके अनुसार पीड़ित ने कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड देहरादून, उत्तराखंड ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। कंपनी की ओर से ज्वाइनिंग के समय 30 हजार रुपये सैलरी देने की बात कही गई थी, जिसके दौरान 10 फाइलें ओपन करवाने का टारगेट दिया गया। राकेश कुमार द्वारा कंपनी की शर्त के अनुसार 10 फाइलें ओपन करवा दी। साथ ही प्रत्येक फाइल की फीस 4100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी गई। इसके उपरांत कथित कंपनी द्वारा उसे कोई सैलरी नहीं दी गई व न कोई लोन उपलब्ध करवाया गया और उसके द्वारा ट्रांसफर की गई नकदी उक्त फर्जी कंपनी द्वारा हड़प ली गई।
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पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 23 जून शाम को नोएडा सेक्टर-6 में दबिश देकर आरोपी आसमऊ उर्फ आशु-21, सलमान-21 और आवेज-21 सभी निवासी गांव रसूलपुर औरंगाबाद जिला मेरठ उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से वारदातों में उपयोग किए गए 32 मोबाइल फोन व बोगस कंपनी से संबंधित अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वारदात में उपयोग लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी कंपनी की मोहरें व दस्तावेजों की बरामदगी और अब तक कितने व्यक्तियों के साथ कितनी ठगी की जा चुकी है। इसके जानकारी के लिए पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट से 7 दिन के रिमांड पर लिया है। कंपनी में नौकरी देने के लिए आरोपी ऑनलाइन वेबसाइटों से डेटा उठाकर विभिन्न व्यक्तियों को कॉल करके ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी हासिल करने के लिए आवेदन अप्लाई करवाते थे। जब फोन पर बात करने वाला व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था तो वे उसे कंपनी में ज्वाइनिंग कराकर फर्जी लेटर भी ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से भेज देते थे। इसके बाद व्यक्ति ये समझता था कि वह नौकरी पर है, तो ये सभी आरोपी उक्त व्यक्ति को दस फाइल ओपन करने का टारगेट देते थे और एक फाइल की 4100 रुपये फीस
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ऑनलाइन हासिल कर लेते थे। इसके बाद इस तरह की हासिल की गई राशि के बाद पीड़ित का फोन उठाना बंद कर देते थे। सभी आरोपी हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों लोगों को टारगेट बनाकर जालसाजी पूर्वक लाखों रुपये की नकदी ऐंठ चुके हैं। इनसे पूछताछ जारी है।
इन कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूला है कि वे सितंबर 2020 से सेक्टर-6 नोएडा में तीन फर्जी कंपनियों कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अपोलो बिजनेस सॉल्यूशन व इंटरनेशनल बिजनेस सॉल्यूशन के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे, जिसमें नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे।