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Kaithal News: गुम मोबाइल मिले तो चेहरे खिले
Fri, 31 Oct 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 31 Oct 2025 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी,
कैथल। कैथल पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए सितंबर माह में करीब 16 लाख रुपए मूल्य के 100 गुमशुदा मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। डीएसपी सुशील प्रकाश ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल मालिकों को उनके फोन वापस लौटाए। अपने मोबाइल लौटने पर उपस्थित लोगों ने कैथल पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया।
साइबर सेल टीम में एएसआई राकेश, एएसआई रणदीप सिंह, एचसी दीपक, एचसी सुरेंद्र सिंह और सिपाही अनिल कुमार शामिल हैं। टीम ने लगातार मॉनिटरिंग करते हुए सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल ट्रेस किए।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए केन्द्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है, और ट्रेस होने पर तुरंत शिकायतकर्ता को सूचना दी जाती है।
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एसपी उपासना ने कहा कि साइबर सेल पुलिस का यह कार्य न केवल खोए मोबाइल मालिकों को राहत देने वाला है, बल्कि अपराधियों के हाथों में इन उपकरणों के जाने से भी रोकता है। उन्होंने कहा कि साइबर टीम की लगातार निगरानी और तत्परता से यह सफलता मिली है।
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कैथल। कैथल पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए सितंबर माह में करीब 16 लाख रुपए मूल्य के 100 गुमशुदा मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। डीएसपी सुशील प्रकाश ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल मालिकों को उनके फोन वापस लौटाए। अपने मोबाइल लौटने पर उपस्थित लोगों ने कैथल पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया।
साइबर सेल टीम में एएसआई राकेश, एएसआई रणदीप सिंह, एचसी दीपक, एचसी सुरेंद्र सिंह और सिपाही अनिल कुमार शामिल हैं। टीम ने लगातार मॉनिटरिंग करते हुए सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल ट्रेस किए।
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डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए केन्द्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है, और ट्रेस होने पर तुरंत शिकायतकर्ता को सूचना दी जाती है।
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एसपी उपासना ने कहा कि साइबर सेल पुलिस का यह कार्य न केवल खोए मोबाइल मालिकों को राहत देने वाला है, बल्कि अपराधियों के हाथों में इन उपकरणों के जाने से भी रोकता है। उन्होंने कहा कि साइबर टीम की लगातार निगरानी और तत्परता से यह सफलता मिली है।