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Kaithal News: बाढ़ और भूस्खलन की असाधारण स्थिति पर चिंता जताई
Mon, 08 Sep 2025 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 08 Sep 2025 03:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कमेटी उत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन की असाधारण स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने कहा कि पहाड़ों में बारिश और बाढ़ से पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ प्रभावित घोषित हैं। वहीं हरियाणा के 12 जिलों के 1,402 गांवों में फैली लगभग 2.5 लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
हिमाचल प्रदेश भूस्खलन व पंजाब, हरियाणा भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहे हैं। पोर्टल की रिपोर्टों के अनुसार राज्य के 1655 गांवों में लगभग 3 लाख एकड़ खड़ी फसलें आंशिक रूप से या पूरी तरह से जलमग्न हैं और 4 लाख से अधिक लोग सीधे प्रभावित बताए जा रहे हैं। भारी बारिश और कई बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण ब्यास, सतलुज, रावी और घग्गर नदियां उफान पर हैं और इस बाढ़ से पंजाब और हरियाणा में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हरियाणा के 12 जिलों के 1,402 गांवों में फैली लगभग 2.5 लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
जम्मू-कश्मीर में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ में हज़ारों एकड़ धान की फसल बह गई है। 170 से ज्याद लोगों के मारे जाने की खबर है। राजस्थान और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी व्यापक नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश में 320 से ज्यादा लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने सहित भारी नुकसान हुआ है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, ज़मीन और घरों, मवेशियों, फलों के पेड़ों, खड़ी फसलों, वाहनों और गोशालाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
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अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 25 हजार एकड़ बागवानी भूमि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस भीषण आपदा से निपटने में विफल रही है। माकपा की मांग है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। राहत और पुनर्वास के उपाय युद्धस्तर पर किए जाने चाहिए। माकपा की टीमें सभी प्रभावित राज्यों में सक्रिय रूप से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचा रही हैं।
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कैथल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कमेटी उत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन की असाधारण स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने कहा कि पहाड़ों में बारिश और बाढ़ से पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ प्रभावित घोषित हैं। वहीं हरियाणा के 12 जिलों के 1,402 गांवों में फैली लगभग 2.5 लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
हिमाचल प्रदेश भूस्खलन व पंजाब, हरियाणा भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहे हैं। पोर्टल की रिपोर्टों के अनुसार राज्य के 1655 गांवों में लगभग 3 लाख एकड़ खड़ी फसलें आंशिक रूप से या पूरी तरह से जलमग्न हैं और 4 लाख से अधिक लोग सीधे प्रभावित बताए जा रहे हैं। भारी बारिश और कई बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण ब्यास, सतलुज, रावी और घग्गर नदियां उफान पर हैं और इस बाढ़ से पंजाब और हरियाणा में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हरियाणा के 12 जिलों के 1,402 गांवों में फैली लगभग 2.5 लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
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जम्मू-कश्मीर में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ में हज़ारों एकड़ धान की फसल बह गई है। 170 से ज्याद लोगों के मारे जाने की खबर है। राजस्थान और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी व्यापक नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश में 320 से ज्यादा लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने सहित भारी नुकसान हुआ है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, ज़मीन और घरों, मवेशियों, फलों के पेड़ों, खड़ी फसलों, वाहनों और गोशालाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
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अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 25 हजार एकड़ बागवानी भूमि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस भीषण आपदा से निपटने में विफल रही है। माकपा की मांग है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। राहत और पुनर्वास के उपाय युद्धस्तर पर किए जाने चाहिए। माकपा की टीमें सभी प्रभावित राज्यों में सक्रिय रूप से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचा रही हैं।