मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा सेवा अधिकार का आस यानी ऑटो अपील सॉफ्टवेयर लॉच किया। साथ ही वीसी के माध्यम से जानकारी दी कि लोगों को समय पर सेवा का अधिकार समयबद्ध मिले, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए ऐसे कर्मचारियों की खुद ही पहचान हो जाएगी, जो लोगों के काम तय समय में नहीं निपटाते हैं। अगर किसी कर्मचारी की तीन बार इस तरह से लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और जो अधिकारी समय पर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
डीसी प्रदीप दहिया लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में इस कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से जुड़े। इयस अवसर पर एसडीएम संजय, सीईओ जिप कुलधीर सिंह, सीटीएम अमित कुमार भी मौजूद रहे। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति का काम सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में आता है और कोई कर्मचारी उसे समय पर पूरा नहीं करता है तो उसका आवेदन ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत अपीलेंट ऑथोरिटी में चला जाएगा। वहां भी काम नहीं होता तो आवेदन उससे बड़े अधिकारी के पास चला जाएगा। अगर इन दोनों स्तरों पर भी काम नहीं होता तो फिर आवेदन कमीशन के पास आ जाएगा। इसके बाद उस काम से संबंधित कर्मचारी व अधिकारी से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी की तीन बार ऐसी गड़बडिय़ां मिलती हैं तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी सरकारी कर्मचारी काम में सुधार नहीं करता है तो नौकरी भी जा सकती है। इस मौके पर तहसीलदार सुदेश मेहरा, कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद, डीआईपीआरओ सोनिया, डीआईओ दीपक खुराना मौजूद रहे।