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Kaithal News: बच्चों में बचपन से अच्छे संस्कार विकसित करने पर दिया जोर
Wed, 11 Mar 2026 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:26 AM IST
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गुहला-चीका। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मंगलवार को खंड गुहला के गांव थेह बुटाना, रामनगर, नानकपुरा और खरकड़ा सहित विभिन्न गांवों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा दिवस मनाया गया।
इस दौरान बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार और साफ-सफाई की आदत विकसित कराने के महत्व के बारे में बताया गया।
गौरतलब है कि विभाग की ओर से हर माह की 10 तारीख को आंगनबाड़ी केंद्रों में मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जाता है। इस बार की थीम ‘स्वच्छता और अच्छी आदतें’ रखी गई थी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर दीप्ति ने बताया कि बैठक के दौरान बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता तथा अच्छी आदतों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार और साफ-सफाई की आदत विकसित करना बेहद जरूरी है। बैठक में बच्चों को तीन जादुई शब्द ‘थैंक यू (धन्यवाद)’, ‘सॉरी’ और ‘प्लीज (कृपया)’ के महत्व के बारे में भी बताया गया। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों के साथ बातचीत में इन शब्दों का प्रयोग करें, ताकि उनमें विनम्रता शिष्टाचार की भावना विकसित हो सके।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता, हेल्पर प्रवीण बाला सहित विभिन्न गांवों की महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद
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इस दौरान बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार और साफ-सफाई की आदत विकसित कराने के महत्व के बारे में बताया गया।
गौरतलब है कि विभाग की ओर से हर माह की 10 तारीख को आंगनबाड़ी केंद्रों में मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जाता है। इस बार की थीम ‘स्वच्छता और अच्छी आदतें’ रखी गई थी।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर दीप्ति ने बताया कि बैठक के दौरान बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता तथा अच्छी आदतों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार और साफ-सफाई की आदत विकसित करना बेहद जरूरी है। बैठक में बच्चों को तीन जादुई शब्द ‘थैंक यू (धन्यवाद)’, ‘सॉरी’ और ‘प्लीज (कृपया)’ के महत्व के बारे में भी बताया गया। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों के साथ बातचीत में इन शब्दों का प्रयोग करें, ताकि उनमें विनम्रता शिष्टाचार की भावना विकसित हो सके।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता, हेल्पर प्रवीण बाला सहित विभिन्न गांवों की महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद