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समाज की कुरीतियों को जड़ से खत्म करें : चावला
Fri, 05 Sep 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। उप स्वास्थ्य केंद्र सौंगल में वीरवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप सिंह के निर्देशन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत बैठक हुई। इसमें गांव के निवासी, महिला एवं आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस मौके पर डॉ. चावला ने कहा कि समाज की कुरीतियों को जड़ से खत्म करना होगा।
बैठक में महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन ने उपस्थित लोगों को बताया कि सरकार ने बेटी बचाने और पढ़ाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, जिसके तहत घर में बेटी के जन्म पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में लड़के और लड़की में भेदभाव होता था, लेकिन आज बेटियां हर क्षेत्र में अपने माता-पिता, गांव और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
सुमन ने कहा कि सभी को शपथ लेनी चाहिए कि वे कभी भी कन्या भ्रूण जांच नहीं करवाएंगे और न ही अपने आसपास के लोगों को ऐसा करने देंगे। यदि कोई कन्या भ्रूण जांच करवाता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी जाएगी।
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पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता अमीन खान ने बताया कि कन्या भ्रूण जांच करवाने वाले को तीन साल की सजा और 50,000 रुपये जुर्माना हो सकता है।
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राजौंद। उप स्वास्थ्य केंद्र सौंगल में वीरवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप सिंह के निर्देशन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत बैठक हुई। इसमें गांव के निवासी, महिला एवं आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस मौके पर डॉ. चावला ने कहा कि समाज की कुरीतियों को जड़ से खत्म करना होगा।
बैठक में महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन ने उपस्थित लोगों को बताया कि सरकार ने बेटी बचाने और पढ़ाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, जिसके तहत घर में बेटी के जन्म पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में लड़के और लड़की में भेदभाव होता था, लेकिन आज बेटियां हर क्षेत्र में अपने माता-पिता, गांव और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
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सुमन ने कहा कि सभी को शपथ लेनी चाहिए कि वे कभी भी कन्या भ्रूण जांच नहीं करवाएंगे और न ही अपने आसपास के लोगों को ऐसा करने देंगे। यदि कोई कन्या भ्रूण जांच करवाता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी जाएगी।
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पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता अमीन खान ने बताया कि कन्या भ्रूण जांच करवाने वाले को तीन साल की सजा और 50,000 रुपये जुर्माना हो सकता है।