{"_id":"696d3c783c72ef110f0aa09f","slug":"drug-smugglers-have-increased-in-one-year-becoming-a-challenge-for-khaki-kaithal-news-c-245-1-kht1013-143795-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: एक साल में बढ़ गए नशा तस्कर, खाकी के लिए बने चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: एक साल में बढ़ गए नशा तस्कर, खाकी के लिए बने चुनौती
Mon, 19 Jan 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
नरेंद्र पंडित
कैथल। पिछले एक साल में नशा तस्कर खाकी के लिए चुनौती बने हुए हैं। आंकड़े गवाह हैं कि नशा तस्कर पुलिस की रणनीति से दो कदम आगे चल रहे हैं।
वर्ष 2024 की बात करें तो नशा तस्करी के 83 मामले सामने आए थे, लेकिन वर्ष 2025 में ग्राफ बढ़कर 112 मामलों पर आ चुका है। नशा तस्कर बेखौफ होकर जिले में अफीम, चरस, चूरा पोस्त, स्मैक, हैरोइन, गांजा, डोडोपोस्त, अफीम फसल, इंजेक्शन तथा नशीली गोलियों की तस्करी कर रहे हैं।
नशा तस्करी का ये बढ़ता कैंसर समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। जब तक नशा तस्करों के सप्लाई चेन और उनके डिजिटल नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक पुलिस की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई अधूरी ही मानी जा रही है।
हालांकि पुलिस ने इन 112 मामलों में 198 आरोपियों को पकड़ कर उनकी कमर तोड़ने का काम किया है। वर्ष 2024 में भी 140 तस्कर काबू किए गए थे। वहीं, वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में शहरी और ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाओं में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों और नाइट डोमिनेशन (रात की गश्त) ने चोरों के हौसले पस्त किए हैं।
विज्ञापन
नशे बढ़ता जाल, पुलिस के लिए नई चुनौती : चोरी भले ही घटी हो, लेकिन नशा तस्करी के मामलों में पिछले साल के मुकाबले 25-30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। तस्कर भी स्मार्ट तरीके से अपना नेटवर्क चलाने का प्रयास करते हैं ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें। उदाहरण के लिए नशे की खेप की डिलीवरी के लिए अब सार्वजनिक परिवहन के बजाय कूरियर सेवाओं और यहाँ तक कि ड्रोन का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि पुलिस अक्सर नशे की छोटी खेप को पकड़ पाती है, जबकि इसके पीछे बैठे मुख्य सरगना हाथ नहीं लग पाते।
112 मामलों में पुलिस ने पकड़ी नशे की खेप : गत वर्ष विशेष मुहिम चलाकर एनडीपीएस एक्ट तहत दर्ज 112 मामले दर्ज करके 198 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 14 किलो 505 ग्राम अफीम, 10 किलो 976 ग्राम चरस, 101 किलो 430 ग्राम चूरा पोस्त, 11.45 ग्राम स्मैक, 268.90 ग्राम हैरोइन, 76 किलो 664 ग्राम गांजा, 1622 किलोग्राम डोडोपोस्त, 3 किलो 935 ग्राम अफीम फसल, 305 इंजेक्शन तथा 66 हजार नशीली गोलियां बरामद की गई। जिसमें से 21 मामले कमर्शियल क्वांटिटी के है, जिनमें 55 आरोपी काबू किए गए। इसके साथ साथ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट तहत कार्रवाई करते हुए 2 नशा तस्करों को जिला जेल में डिटेन करवाया गया। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज किए गये 383 मामलों में 390 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनके कब्जे से 2603 बोतल हथकढ़ी शराब, 6322 बोतल देसी शराब, 441 बोतल अंग्रेजी शराब व 2972 बोतल बीयर तथा 12454 लीटर लाहन बरामद किया गया। संवाद
विज्ञापन
कैथल। पिछले एक साल में नशा तस्कर खाकी के लिए चुनौती बने हुए हैं। आंकड़े गवाह हैं कि नशा तस्कर पुलिस की रणनीति से दो कदम आगे चल रहे हैं।
वर्ष 2024 की बात करें तो नशा तस्करी के 83 मामले सामने आए थे, लेकिन वर्ष 2025 में ग्राफ बढ़कर 112 मामलों पर आ चुका है। नशा तस्कर बेखौफ होकर जिले में अफीम, चरस, चूरा पोस्त, स्मैक, हैरोइन, गांजा, डोडोपोस्त, अफीम फसल, इंजेक्शन तथा नशीली गोलियों की तस्करी कर रहे हैं।
नशा तस्करी का ये बढ़ता कैंसर समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। जब तक नशा तस्करों के सप्लाई चेन और उनके डिजिटल नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक पुलिस की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई अधूरी ही मानी जा रही है।
विज्ञापन
हालांकि पुलिस ने इन 112 मामलों में 198 आरोपियों को पकड़ कर उनकी कमर तोड़ने का काम किया है। वर्ष 2024 में भी 140 तस्कर काबू किए गए थे। वहीं, वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में शहरी और ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाओं में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों और नाइट डोमिनेशन (रात की गश्त) ने चोरों के हौसले पस्त किए हैं।
विज्ञापन
नशे बढ़ता जाल, पुलिस के लिए नई चुनौती : चोरी भले ही घटी हो, लेकिन नशा तस्करी के मामलों में पिछले साल के मुकाबले 25-30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। तस्कर भी स्मार्ट तरीके से अपना नेटवर्क चलाने का प्रयास करते हैं ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें। उदाहरण के लिए नशे की खेप की डिलीवरी के लिए अब सार्वजनिक परिवहन के बजाय कूरियर सेवाओं और यहाँ तक कि ड्रोन का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि पुलिस अक्सर नशे की छोटी खेप को पकड़ पाती है, जबकि इसके पीछे बैठे मुख्य सरगना हाथ नहीं लग पाते।
112 मामलों में पुलिस ने पकड़ी नशे की खेप : गत वर्ष विशेष मुहिम चलाकर एनडीपीएस एक्ट तहत दर्ज 112 मामले दर्ज करके 198 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 14 किलो 505 ग्राम अफीम, 10 किलो 976 ग्राम चरस, 101 किलो 430 ग्राम चूरा पोस्त, 11.45 ग्राम स्मैक, 268.90 ग्राम हैरोइन, 76 किलो 664 ग्राम गांजा, 1622 किलोग्राम डोडोपोस्त, 3 किलो 935 ग्राम अफीम फसल, 305 इंजेक्शन तथा 66 हजार नशीली गोलियां बरामद की गई। जिसमें से 21 मामले कमर्शियल क्वांटिटी के है, जिनमें 55 आरोपी काबू किए गए। इसके साथ साथ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट तहत कार्रवाई करते हुए 2 नशा तस्करों को जिला जेल में डिटेन करवाया गया। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज किए गये 383 मामलों में 390 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनके कब्जे से 2603 बोतल हथकढ़ी शराब, 6322 बोतल देसी शराब, 441 बोतल अंग्रेजी शराब व 2972 बोतल बीयर तथा 12454 लीटर लाहन बरामद किया गया। संवाद