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Kaithal News: सफाई के लिए हटाए नालों के स्लैब 15 दिन बाद भी नहीं रखे, अंबाला रोड पर दुकानदार खुद करा रहे मरम्मत
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छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद
कैथल। बरसात के मौसम से पहले शहर के बरसाती नालों की सफाई के लिए नगर परिषद की ओर से छात्रावास रोड और अंबाला रोड पर सफाई के लिए हटाए गए नालों के स्लैब 15 दिन बीतने के बाद भी कई स्थानों पर दोबारा नहीं लगाए गए हैं। हालात यह हैं कि कुछ दुकानदारों को अपनी जेब से खर्च कर कंक्रीट के स्लैब डलवाने पड़े, ताकि उनका कारोबार प्रभावित न हो। दुकानदारों का कहना है कि सफाई कार्य की योजना और क्रियान्वयन दोनों में गंभीर खामियां हैं। उनका आरोप है कि छात्रावास रोड पर कई स्थानों पर पहले करीब छह फीट गहरा बरसाती नाला था, जिसे सफाई के बाद दोबारा बनाते समय करीब दो फीट तक सीमित कर दिया गया। इससे लोगों में आशंका है कि तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहली ही बारिश में छात्रावास रोड जलमग्न हो गया था और कई दुकानों में पानी भर गया था। ऐसे में नाले की गहराई कम किए जाने का निर्णय उनकी समझ से परे है। उनका कहना है कि वर्षों से वे जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे लेकिन अब जो काम किया जा रहा है, उससे उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं। अंबाला रोड़ पर भी स्थिति अलग नहीं है। यहां सफाई के दौरान हटाए गए स्लैब लंबे समय तक नहीं लगाए गए जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई दुकानों के सामने आवाजाही बाधित होने से कारोबार प्रभावित हुआ। कुछ व्यापारियों ने इंतजार करने के बजाय स्वयं खर्च कर स्लैब डलवाकर रास्ता बहाल कराया।
सीवरेज व्यवस्था भी बनी चिंता का कारण
शहर में बरसाती नालों के साथ-साथ सीवरेज व्यवस्था भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई स्थानों पर सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। हिंद सिनेमा के पास चंडीगढ़ लैब के सामने भी सीवरेज का पानी सड़क पर फैलने से राहगीरों और आसपास के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश वार्डों में समय-समय पर ऐसी स्थिति बनती रहती है।
6 फीट के नाले को 2 फीट कर दिया
छात्रावास रोड के दुकानदार भूषण कुमार अरोड़ा का कहना है कि उनकी दुकान के सामने छह फीट गहरा नाला था, जिसे अब काफी संकरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 दिन से अधिक समय से काम अधूरा पड़ा है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उनका कहना है कि यदि पहले छह फीट गहरे नाले से पानी की निकासी में दिक्कत थी तो दो फीट गहरे नाले से व्यवस्था कैसे सुधरेगी, यह समझ से परे है।
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रैंप व स्लैब हटाने से कारोबार हो रहा प्रभावित
अंबाला रोड के दुकानदार अनूप ने बताया कि सफाई के दौरान उनकी दुकान के सामने बना रैंप तोड़ दिया गया था। लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने से उनके वाहन खरीद-बिक्री के कारोबार पर असर पड़ा। वे तो इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनके पड़ोसी का वाशिंग का काम है और उन्होंने काम प्रभावित होता देख स्वयं खर्च कर स्लैब डलवाना पड़ा, ताकि कम से कम दुकानों का किराया तो जेब से न देना पड़ा। दूसरा अब भी स्लैब नहीं होने के साथ-साथ सफाई तक नहीं ढंग से की गई है और गंदगी बिखरी पड़ी है।
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पानी नहीं भरा तो तभी सफल होगी ये पूरी कवायद
छात्रावास रोड के दुकानदार उमेश शर्मा का कहना है कि नगर परिषद ने करीब 15 दिन पहले सफाई के लिए नाले के स्लैब हटाए थे, अब निर्माण दोबारा कराया है। अब उम्मीद यही है कि बारिश के दौरान यदि पानी की निकासी सुचारु रही तो काम सफल माना जाएगा, अन्यथा पूरी कवायद का कोई लाभ नहीं रहेगा। हालांकि जैसे हालात पहली बारिश से बने थे उससे दुकानदारों में डर अब भी बना हुआ है।
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सफाई और मरम्मत का कार्य संबंधित पार्षद की देखरेख में कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां अधिक समस्या थी, वहीं अस्थायी रूप से स्लैब हटाए गए थे। अब उन्हें दोबारा लगाने का कार्य जारी है ताकि दुकानदारों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जहां रह गए हैं वहां भी जल्द ही निर्माण करवा दिया जाएगा।
- संदीप सोलंकी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।
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सीवरेज व्यवस्था भी बनी चिंता का कारण
शहर में बरसाती नालों के साथ-साथ सीवरेज व्यवस्था भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई स्थानों पर सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। हिंद सिनेमा के पास चंडीगढ़ लैब के सामने भी सीवरेज का पानी सड़क पर फैलने से राहगीरों और आसपास के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश वार्डों में समय-समय पर ऐसी स्थिति बनती रहती है।
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6 फीट के नाले को 2 फीट कर दिया
छात्रावास रोड के दुकानदार भूषण कुमार अरोड़ा का कहना है कि उनकी दुकान के सामने छह फीट गहरा नाला था, जिसे अब काफी संकरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 दिन से अधिक समय से काम अधूरा पड़ा है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उनका कहना है कि यदि पहले छह फीट गहरे नाले से पानी की निकासी में दिक्कत थी तो दो फीट गहरे नाले से व्यवस्था कैसे सुधरेगी, यह समझ से परे है।
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रैंप व स्लैब हटाने से कारोबार हो रहा प्रभावित
अंबाला रोड के दुकानदार अनूप ने बताया कि सफाई के दौरान उनकी दुकान के सामने बना रैंप तोड़ दिया गया था। लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने से उनके वाहन खरीद-बिक्री के कारोबार पर असर पड़ा। वे तो इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनके पड़ोसी का वाशिंग का काम है और उन्होंने काम प्रभावित होता देख स्वयं खर्च कर स्लैब डलवाना पड़ा, ताकि कम से कम दुकानों का किराया तो जेब से न देना पड़ा। दूसरा अब भी स्लैब नहीं होने के साथ-साथ सफाई तक नहीं ढंग से की गई है और गंदगी बिखरी पड़ी है।
पानी नहीं भरा तो तभी सफल होगी ये पूरी कवायद
छात्रावास रोड के दुकानदार उमेश शर्मा का कहना है कि नगर परिषद ने करीब 15 दिन पहले सफाई के लिए नाले के स्लैब हटाए थे, अब निर्माण दोबारा कराया है। अब उम्मीद यही है कि बारिश के दौरान यदि पानी की निकासी सुचारु रही तो काम सफल माना जाएगा, अन्यथा पूरी कवायद का कोई लाभ नहीं रहेगा। हालांकि जैसे हालात पहली बारिश से बने थे उससे दुकानदारों में डर अब भी बना हुआ है।
सफाई और मरम्मत का कार्य संबंधित पार्षद की देखरेख में कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां अधिक समस्या थी, वहीं अस्थायी रूप से स्लैब हटाए गए थे। अब उन्हें दोबारा लगाने का कार्य जारी है ताकि दुकानदारों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जहां रह गए हैं वहां भी जल्द ही निर्माण करवा दिया जाएगा।
- संदीप सोलंकी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।

छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद

छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद

छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद

छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद

छात्रावास रोड़ पर कम की गई नाले की गहराई। संवाद