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Kaithal News: डाॅ. मोहिंद्र सिंह को आलू अनुसंधान में मिला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
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सीवन। हरियाणा मूल के डाॅ. मोहिंद्र सिंह कादियान को 12वीं विश्व आलू कांग्रेस में उद्योग पुरस्कार से सम्मानित किया। ये जानकारी सीवन के प्रमुख आलू उत्पादक मनीष मेहता मौजी ने सीवन में पत्रकारों को ये जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 12वीं विश्व आलू कांग्रेस का आयोजन आस्ट्रेलिया के एडिलेड में किया गया था। इसमें विश्व के विभिन्न देशों से आलू उद्योग के वैज्ञानिक, उद्योगपति और किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में डाॅ. मोहिंद्र सिंह कादियान को उद्योग पुरस्कार से सम्मानित किया। ये पुरस्कार मिलने से प्रदेश के सभी आलू उत्पादक किसानों में खुशी की लहर है।
उन्होंने बताया कि डाॅ. मोहिंद्र सिंह कादियान सोनीपत के किसान परिवार में जन्म हैं। उन्होंने 1983 में एक वैज्ञानिक के रूप में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र सीआईपी में शुरूआत की थी। उन्होंने भारत, भूटान, नेपाल, बंगलादेश और श्री लंका सहित पूरे दक्षिण एशिया में आलू की फसल सुधार को आगे बढ़ाने के लिए चार दशकों से अधिक समय समर्पित किया है। आलू कृषि संबंधी पद्धतियों को आगे बढ़ाने, आलू की नई किस्तों का विकास, बीज आलू के उत्पादन में सुधार करने में उनके व्यापक काम से देश में आलू कृषक समुदाय और प्रसंस्करण उद्योग को बहुत लाभ मिला है। उन्होंने भारत सहित एशिया के अन्य देशों के किसानों को खेत पर ही आलू का अच्छा बीज तैयार करने, नई प्रजातियों का उपयोग करने तथा आधुनिक कृषि प्रणाली से आलू उत्पादन बढ़ाने संंबंधित प्रशिक्षण देने पर काम किया है। मेहता ने बताया कि डाॅ. कादियान ने अपने करिअर के दौरान 122 से अधिक शोधपत्र आलू फसल अनुसंधान पर प्रकाशित किए हैं। 2018 में सेवानिवृत्ति के बाद भी डा. कादियान ने भारत में आलू किसानों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास को जारी रखा है। इस समय वह सीपीआई के वरिष्ठ सलाहकार हैं जो कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उड़ीसा और मेघालय में कई परियोजनाओं में योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर डाॅ. कादियान को बधाई देने वालों में डा. पूजा, डाॅ. कृष्ण, डाॅ. दीपा, हरविंद्र संधु, अभिषेक व हरविंद्र सैनी व अन्य शामिल थे।
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उन्होंने बताया कि 12वीं विश्व आलू कांग्रेस का आयोजन आस्ट्रेलिया के एडिलेड में किया गया था। इसमें विश्व के विभिन्न देशों से आलू उद्योग के वैज्ञानिक, उद्योगपति और किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में डाॅ. मोहिंद्र सिंह कादियान को उद्योग पुरस्कार से सम्मानित किया। ये पुरस्कार मिलने से प्रदेश के सभी आलू उत्पादक किसानों में खुशी की लहर है।
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उन्होंने बताया कि डाॅ. मोहिंद्र सिंह कादियान सोनीपत के किसान परिवार में जन्म हैं। उन्होंने 1983 में एक वैज्ञानिक के रूप में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र सीआईपी में शुरूआत की थी। उन्होंने भारत, भूटान, नेपाल, बंगलादेश और श्री लंका सहित पूरे दक्षिण एशिया में आलू की फसल सुधार को आगे बढ़ाने के लिए चार दशकों से अधिक समय समर्पित किया है। आलू कृषि संबंधी पद्धतियों को आगे बढ़ाने, आलू की नई किस्तों का विकास, बीज आलू के उत्पादन में सुधार करने में उनके व्यापक काम से देश में आलू कृषक समुदाय और प्रसंस्करण उद्योग को बहुत लाभ मिला है। उन्होंने भारत सहित एशिया के अन्य देशों के किसानों को खेत पर ही आलू का अच्छा बीज तैयार करने, नई प्रजातियों का उपयोग करने तथा आधुनिक कृषि प्रणाली से आलू उत्पादन बढ़ाने संंबंधित प्रशिक्षण देने पर काम किया है। मेहता ने बताया कि डाॅ. कादियान ने अपने करिअर के दौरान 122 से अधिक शोधपत्र आलू फसल अनुसंधान पर प्रकाशित किए हैं। 2018 में सेवानिवृत्ति के बाद भी डा. कादियान ने भारत में आलू किसानों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास को जारी रखा है। इस समय वह सीपीआई के वरिष्ठ सलाहकार हैं जो कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उड़ीसा और मेघालय में कई परियोजनाओं में योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर डाॅ. कादियान को बधाई देने वालों में डा. पूजा, डाॅ. कृष्ण, डाॅ. दीपा, हरविंद्र संधु, अभिषेक व हरविंद्र सैनी व अन्य शामिल थे।
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