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जिला अस्पताल को मिले दस पोर्टेबल वेंटिलेटर
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03-कैथल। जिला अस्पताल स्थित उमंग सेंटर का दौरा करते हुए डीसी प्रदीप दहिया व साथ मौजूद सीमएमओ
- फोटो : Kaithal
अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल परिसर में स्थापित किए जाने वाले 100 बेड के पोर्टेबल अस्पताल का काम अगले तीन सप्ताह में पूरा होगा। इसके लिए फाउंडेशन की ओर से ढाई करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। पोर्टेबल अस्पताल के लिए 10 वेंटिलेटर नागरिक अस्पताल में पहुंच भी गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टेबल अस्पताल के निर्माण कार्य को तेज किया जाए।
सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की ओर से सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत तैयार किया जाएगा। पोर्टेबल अस्पताल के 10 आईसीयू बेड पहुंच चुके हैं और बाकी बेड भी जल्द ही अस्पताल पहुंचेंगे। अस्पताल प्रांगण में पोर्टेबल अस्पताल बनने से जिले के साथ-साथ आस-पास के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
डीसी प्रदीप दहिया के अनुसार नागरिक अस्पताल में 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल को स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और जो भी आवश्यक इंतजाम किए जाने हैं, उन्हें जल्द पूरा करें, ताकि जल्द ही यह पोर्टेबल अस्पताल स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की तरफ से ढाई करोड़ का फंड जारी किया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) की तरफ से यह अस्पताल तीन सप्ताह में तैयार किया जाएगा। यहां चिकित्सक और स्टाफ विभाग की तरफ से रखे जाएंगे। 100 बेडों में 10 वेंटिलेटर भी होंगे। इस अस्पताल में निक्कू वार्ड भी बनाया जाएगा। अगर कोरोना महामारी की तीसरी लहर नहीं आती है तो इसे कैंसर व निक्कू वार्ड बनाकर यहां इलाज किया जा सकेगा।
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डीसी ने किया निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट का दौरा
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के दृष्टिगत भविष्य की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में पीएसए (प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन) ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा चुका है। जल्द ही इस प्लांट में ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे जिला में ऑक्सीजन की कोई भी कमी नहीं रहेगी। नगराधीश अमित कुमार, सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता, सीएमओ शैलेंद्र ममगाईं शैली, डॉ. नीरज मंगला, कार्यकारी अभियंता कर्णवीर, हिमांशु लाटका, केएस पठानिया, रामपाल, एसडीओ कुलदीप सिंह, रजत, पंकज, डॉ. रेणु चावला मौजूद रहे।
इस तरह से बनेगी ऑक्सीजन
ऑक्सीजन प्लांट में 1 हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की उपलब्धता होगी। उन्होंने कहा कि प्लांट में प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन (पीएसए) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह इस सिद्धांत पर काम करता है कि उच्च दबाव में गैस सॉलिड सर्फेस की तरफ आकर्षित हो। पीएसए (प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन) प्लांट में हवा से ही ऑक्सीजन बनाने की अनूठी तकनीक होती है। इसमें एक चैंबर में कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन बाहर निकल जाती है। इस तरह ऑक्सीजन की अस्पतालों को आपूर्ति की जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।
उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर का दौरा
डीसी ने नागरिक अस्पताल में बने उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर का दौरा किया और कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्तियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की फीड बैक ली। उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद व्यक्तियों को स्वास्थ्य से संबंधित कुछ दिक्कतें आती हैं तो उनके लिए उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर बनाया गया है, जहां पर संबंधित व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। अब तक लगभग 200 व्यक्तियों को इस केंद्र के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई गई है। उन्होंने अस्पताल के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
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सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की ओर से सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत तैयार किया जाएगा। पोर्टेबल अस्पताल के 10 आईसीयू बेड पहुंच चुके हैं और बाकी बेड भी जल्द ही अस्पताल पहुंचेंगे। अस्पताल प्रांगण में पोर्टेबल अस्पताल बनने से जिले के साथ-साथ आस-पास के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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डीसी प्रदीप दहिया के अनुसार नागरिक अस्पताल में 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल को स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और जो भी आवश्यक इंतजाम किए जाने हैं, उन्हें जल्द पूरा करें, ताकि जल्द ही यह पोर्टेबल अस्पताल स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की तरफ से ढाई करोड़ का फंड जारी किया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) की तरफ से यह अस्पताल तीन सप्ताह में तैयार किया जाएगा। यहां चिकित्सक और स्टाफ विभाग की तरफ से रखे जाएंगे। 100 बेडों में 10 वेंटिलेटर भी होंगे। इस अस्पताल में निक्कू वार्ड भी बनाया जाएगा। अगर कोरोना महामारी की तीसरी लहर नहीं आती है तो इसे कैंसर व निक्कू वार्ड बनाकर यहां इलाज किया जा सकेगा।
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डीसी ने किया निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट का दौरा
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के दृष्टिगत भविष्य की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में पीएसए (प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन) ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा चुका है। जल्द ही इस प्लांट में ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे जिला में ऑक्सीजन की कोई भी कमी नहीं रहेगी। नगराधीश अमित कुमार, सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता, सीएमओ शैलेंद्र ममगाईं शैली, डॉ. नीरज मंगला, कार्यकारी अभियंता कर्णवीर, हिमांशु लाटका, केएस पठानिया, रामपाल, एसडीओ कुलदीप सिंह, रजत, पंकज, डॉ. रेणु चावला मौजूद रहे।
इस तरह से बनेगी ऑक्सीजन
ऑक्सीजन प्लांट में 1 हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की उपलब्धता होगी। उन्होंने कहा कि प्लांट में प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन (पीएसए) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह इस सिद्धांत पर काम करता है कि उच्च दबाव में गैस सॉलिड सर्फेस की तरफ आकर्षित हो। पीएसए (प्रेशर स्विंग एडजॉरप्शन) प्लांट में हवा से ही ऑक्सीजन बनाने की अनूठी तकनीक होती है। इसमें एक चैंबर में कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन बाहर निकल जाती है। इस तरह ऑक्सीजन की अस्पतालों को आपूर्ति की जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।
उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर का दौरा
डीसी ने नागरिक अस्पताल में बने उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर का दौरा किया और कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्तियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की फीड बैक ली। उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद व्यक्तियों को स्वास्थ्य से संबंधित कुछ दिक्कतें आती हैं तो उनके लिए उमंग पोस्ट कोविड केयर सेंटर बनाया गया है, जहां पर संबंधित व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। अब तक लगभग 200 व्यक्तियों को इस केंद्र के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई गई है। उन्होंने अस्पताल के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।