फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Distressed students will get relief soon due to non-availability of textbooks in schools

स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध न होने से परेशान विद्यार्थियों को जल्द मिलेगी राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 12:26 AM IST
विज्ञापन
Distressed students will get relief soon due to non-availability of textbooks in schools
Distressed students will get relief soon due to non-availability of textbooks in schools - फोटो : Kaithal
स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध न होने के कारण परेशानी झेल रहे कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अब जल्द राहत मिलने की आस जगी है। शिक्षा विभाग की ओर से इस बार विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें जिला स्तर पर ही प्रकाशित करवाने का निर्णय लिया गया है। अब तक पाठ्य पुस्तकें एससीईआरटी गुरुग्राम से प्रकाशित होकर आ रही थी, लेकिन इस बार कोरोना काल के चलते पुस्तकें जिले में नहीं आ सकी। ऐसे में विभाग ने पुस्तकों के प्रकाशन से संबंधित प्रक्रिया जिला स्तर पर ही पूरी करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

अभी तक पुरानी पुस्तकों से काम चला रहे हैं बच्चे-कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अभी तक नई पुस्तकें नहीं मिली हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई के लिए विभाग ने संबंधित कक्षाओं के पूर्व विद्यार्थियों से पुस्तकें वापस लेकर नए विद्यार्थियों को दी हैं। पुरानी पुस्तकों में से भी कुछ विद्यार्थियों ने पुस्तकें फाड़ दीं तो कुछ गुम हो गई। ऐसे में इस समय कक्षाओं में मौजूद सभी विद्यार्थियों के पास किताबें मौजूद नहीं हैं।
विज्ञापन

विभाग ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को भी कक्षाओं में अलग-अलग बैठाकर पढ़ाई करवाने की बात कही है। अगर सभी बच्चों के पास किताबें ही नहीं होंगी तो बच्चों को अलग-अलग बैठाकर पढ़ाई करवाना भी मुश्किल हो रहा है। इन कक्षाओं में से कक्षा चौथी से लेकर आठवीं तक के तो स्कूल भी खुल चुके हैं। हालांकि शिक्षकों द्वारा कक्षाओं में सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए बच्चों को बोर्ड पर विभिन्न विषयों के बारे में पढ़ाया जा रहा है, लेकिन जिन बच्चों के पास उनकी खुद की किताबें नहीं हैं, वे बच्चे घर जाकर उस काम को दोहरा नहीं पा रहे हैं जो उन्हें कक्षा में सिखाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय प्रकाशकों अथवा प्रिंटिंग प्रेस पर पुस्तकें छपवाने के लिए विभाग प्रकाशकों को ठेका देने की प्रक्रिया में जुटा है। स्थानीय स्तर पर प्रकाशन होने से एक ये लाभ भी स्कूलों और विद्यार्थियों को होगा कि जरूरत के अनुसार किताबें प्रिंट करवाई जा सकेंगी।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकला रापड़िया ने बताया कि स्थानीय प्रकाशकों से पुस्तकें प्रिंट करवाने के लिए जल्द ही ठेका दिया जाना है। अधिकारियों के पास विभाग की ओर से पुस्तकों के लिए सॉफ्ट प्रति भेजी जाएगी। विशेष कमेटी की देखरेख में ठेका प्रक्रिया और पुस्तकों को प्रकाशित करवाने का कार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed