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Kaithal News: रेड एंट्री वाले किसानों के नाम सचिवालय और मंडी में करें प्रदर्शित ः डीसी

Sat, 13 Sep 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 13 Sep 2025 12:55 AM IST
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Display the names of farmers with red entries in the secretariat and mandi: DC
लघु सचिवालय स्थित सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर संबंधित अधिकारियों की बैठक लेती डीसी - फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। धान कटाई के सीजन में पराली जलाने पर रोक के मुद्दे पर उपायुक्त प्रीति ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर, जुर्माना और रेड एंट्री की जाएगी। पिछले वर्ष रेड एंट्री किए गए किसानों के नाम सभी ग्राम सचिवालय और मंडियों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो।

लघु सचिवालय स्थित सभागार में शुक्रवार को फसल अवशेष प्रबंधन पर अधिकारियों की बैठक के दौरान डीसी ने कहा कि संवेदनशील गांवों में स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाए।
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उन्होंने डीडीए को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटरों के नंबर एसडीएम, बीडीपीओ और ग्राम सचिवों के साथ साझा किए जाएं ताकि सभी किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने डीडीपीओ को भी निर्देश दिए गए कि सभी गांवों में फसल अवशेष प्रबंधन पर ग्राम सभाएं आयोजित की जाएं। डीसी प्रीति ने कहा कि जिले में 1,76,000 हेक्टयर में धान की फसल है और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पंचायत विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पुलिस और अन्य विभागों को आपसी तालमेल से काम करना होगा। पुलिस गांवों में पेट्रोलिंग बढ़ाए और किसानों को समझाया जाए कि पराली जलाने के बजाय इसे जमीन में मिलाएं या गांठे बनाकर बेचें। जिले में कई उद्योग ऐसे हैं जो पराली खरीदते हैं।
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इस अवसर पर कैथल एसडीएम अजय सिंह, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी बीरभान, कृषि एवं कल्याण विभाग कैथल के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद, डीआरओ चंद्रमोहन, डीएफएसई निशांत राठी, डीडीपीओ रितु लाठर आदि मौजूद रहे।


कंट्रोल रूम स्थापित ग्राम स्तर पर टीमें गठित

डॉ. कर्मचंद ने बताया कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कोई भी आमजन 01746-235756 पर पराली जलाने की सूचना दे सकता है, जिसमें सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। ग्राम स्तर पर सरपंच, नंबरदार, चौकीदार और एक सरकारी अधिकारी/कर्मचारी की टीम बनाई गई है, जो पराली जलाने पर नजर रखेगी। इसके अलावा, किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनों का उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने की सलाह दी गई।
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