फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   dilip says no matter how old you dont give up humanity

दिलीप कुमार ने मोती लाल के साथ मिलकर शुरू की थी कांट्रेक्ट एक्टिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 02:51 AM IST
विज्ञापन
dilip says no matter how old you dont give up humanity
कुलदीप प्रजापति
विज्ञापन

कैथल। बॉलीवुड अभिनेता दिलीप कुमार ऐसे अभिनेता थे, जिन्होंने मोती लाल के साथ मिलकर इंडस्ट्री में कांट्रेक्ट एक्टिंग शुरू की थी। इससे पूर्व कलाकारों को फिल्मकार नौकरी पर रखते थे, लेकिन उन्होंने कहा कि वे प्रति फिल्म के हिसाब से कांट्रेक्ट करेंगे। इसके बाद सभी अभिनेताओं के कांट्रेक्ट शुरू हुए थे और उन्होंने प्रति फिल्म के हिसाब से मेहनताना लेना शुरू किया था। यह जानकारी अभिनेता दिलीप कुमार को याद करते हुए कैथल से मुंबई जाकर अपना करियर बना चुके जितेंद्र भारद्वाज ने साझा की।
उन्होंने बताया कि वह दिलीप कुमार से 2003 व 2004 में तीन बार मिले हैं। दो बार उनके घर पर स्वाभाविक मुलाकात की और एक बार किसी फिल्म की शूटिंग करने के लिए उनका सेट पर उनके नुमाइंदे ने गलती से किरदार करने के लिए बुला लिया था। लेकिन वह किरदार बहुत छोटा था, जिसे दिलीप कुमार ने भी उनको करने से मना कर दिया था और उनकी भी वह किरदार करने की इच्छा नहीं थी। उस समय दिलीप कुमार ने उनको कहा था कि आप बड़े किरदार निभाते हो यह बहुत छोटा किरदार है। आप इसे मत करो। उन्होंने बताया कि दिलीप कुमार बहुत ही अच्छे स्वभाव के अभिनेता थे। वह पेशावर के रहने वाले थे, वह ड्राई फ्रूट का काम करते थे। इसके बाद उन्होंने पुणे में जाकर कैंटीन भी खोली थी। कैंटीन में किसी दिन उनकी मुलाकात पुरानी अभिनेत्री देविका रानी से हुई। देविका रानी ने उन्हें कहा था कि उनको फिल्मों में काम करना चाहिए। देविका रानी ने ही उनको फिल्म में पहला ब्रेक दिया था। ज्वार भाटा उनकी पहली फिल्म थी जो 1944 में रिलीज हुई थी। 1948 में जुगनू फिल्म आई थी। जहां से दिलीप कुमार हिट हुए थे। इसके बाद बहुत सी फिल्में आई राम-श्याम, मुगल-ए-आजम, कोहिनूर और काफी फिल्में हिट हुईं। उस समय में ये दो अभिनेता थे, जिन्हें नेचुरल एक्टर कहा जाता था एक दिलीप कुमार थे और एक मोती लाल।
विज्ञापन

जितेंद्र के अनुसार दिलीप कुमार पंजाबी भाषा बड़ी अच्छी बोलते थे। उन्होंने बताया कि जब वे दिलीप साहब से मिले तो उन्होंने उससे पंजाबी में ही बात की थी। उनके अनुसार भले ही वह एक्टिंग के सरताज थे, मगर वे लोगों से इतने सहज ढंग से मिलते थे कि उनसे मिलने वाला उन लम्हों को कभी भूल नहीं पाता था। उनसे बात करते समय किसी को ऐसा नहीं लगता था कि वे किसी बडे़ अभिनेता से बात कर रहे हैं। वे सभी से बहुत ही सहजता से बात करते थे। उनसे मिलने के बाद उन्होंने उनसे इतना बड़ा स्टार होने के बावजूद स्वभाव में इतनी सरलता की वजह पूछी तो दिलीप साहब का जवाब था कि - आप कितने बड़े भी हो जाओ लेकिन इंसानियत न छोड़ो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed