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Kaithal News: गांव धनोरी में बनेगी ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे युवा
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कैथल। ग्रामीण अंचल के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गांव धनोरी में जल्द ही एक अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का निर्माण होने जा रहा है। इस परियोजना पर पंचायत राज विभाग की तरफ से करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। लाइब्रेरी के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगी। इस डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। कुल 80 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए फाइल को उच्च अधिकारियों के माध्यम से मुख्यालय भेज दिया गया है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही और फंड जारी होते ही लाइब्रेरी के भवन निर्माण और तकनीकी बुनियादी ढांचे का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
- ई-लाइब्रेरी का सबसे बड़ा फायदा उन होनहार युवाओं को मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण शहरों में कोचिंग या लाइब्रेरी की फीस नहीं भर पाते।
- हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
- यूपीएससी, एचपीएससी, एसएससी, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं का डिजिटल स्टडी मैटेरियल मिलेगा।
- विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की नामी पत्रिकाओं और ई-बुक्स का नि:शुल्क एक्सेस रहेगा।
- शांतिपूर्ण और पूरी तरह वातानुकूलित पढ़ाई का माहौल तैयार किया जाएगा।
आसपास के कई गांवों को लाभ
गांव धनोरी में बनने वाली इस लाइब्रेरी का दायरा केवल इसी गांव तक सीमित नहीं रहेगा। भौगोलिक रूप से धनोरी के आसपास लगते दर्जनों गांवों के युवाओं को भी इस डिजिटल केंद्र का सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे यहां आकर बिना किसी शुल्क के सुबह से शाम तक पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गांव में ई-लाइब्रेरी खुलने से युवाओं का समय और पैसा दोनों बचेंगे। नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकेंगे।
पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता परमिंद्र सिंह ने बताया कि ई-लाइब्रेरी पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके स्वीकृति के लिए मुख्यालय फाइल भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
- ई-लाइब्रेरी का सबसे बड़ा फायदा उन होनहार युवाओं को मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण शहरों में कोचिंग या लाइब्रेरी की फीस नहीं भर पाते।
- हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
- यूपीएससी, एचपीएससी, एसएससी, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं का डिजिटल स्टडी मैटेरियल मिलेगा।
- विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की नामी पत्रिकाओं और ई-बुक्स का नि:शुल्क एक्सेस रहेगा।
- शांतिपूर्ण और पूरी तरह वातानुकूलित पढ़ाई का माहौल तैयार किया जाएगा।
आसपास के कई गांवों को लाभ
गांव धनोरी में बनने वाली इस लाइब्रेरी का दायरा केवल इसी गांव तक सीमित नहीं रहेगा। भौगोलिक रूप से धनोरी के आसपास लगते दर्जनों गांवों के युवाओं को भी इस डिजिटल केंद्र का सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे यहां आकर बिना किसी शुल्क के सुबह से शाम तक पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गांव में ई-लाइब्रेरी खुलने से युवाओं का समय और पैसा दोनों बचेंगे। नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकेंगे।
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पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता परमिंद्र सिंह ने बताया कि ई-लाइब्रेरी पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके स्वीकृति के लिए मुख्यालय फाइल भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
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