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श्रद्धालुओं ने फूल चढ़ाकर की पूजा अर्चना
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Devotees offer prayers by offering flowers
- फोटो : Kaithal
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गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में दशहरा को शुरू हुआ पूजा-पाठ का कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। तीन दिन तक चले कार्यक्रम में आसपास के सैकड़ों गांवों सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालुओं ने आकर बाबा राजपुरी के दर्शन किए।
कार्यक्रम के अंतिम दिन महिलाओं और बच्चों ने बाबा के डेरे में प्रसाद, फल, फूल, दूध व घी चढ़ाकर परिवार व धन-धान्य में समृद्धि की कामना की। प्राचीन मान्यता के अनुसार रविवार को डेरे में साधु समाज के भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के अलग-अलग स्थानों से साधु समाज के लोगों ने भाग लिया। भंडारे के साथ कार्यक्रम को संपन्न किया गया।
डेरे के महंत दूजपुरी ने बताया कि डेरे की मान्यता सैकड़ों वर्ष पुरानी है। पीढ़ी दर पीढ़ी मान्यता अनुसार श्रद्धालु यहां पूजा पाठ के लिए आते हैं। कार्यक्रम में भी लोगों ने बाबा राजपुरी के प्रति आस्था व्यक्त की। हालांकि पूजा पाठ के लिए भारी संख्या में तीसरे दिन भी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सरकार व प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का श्रद्धालुओं द्वारा पूरी तरह से पालन किया गया। उन्होंने बताया कि पूजा पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने हजारों लीटर दूध, घी व मक्खन से बाबा राजपुरी की पूजा की, जिसे साथ के साथ श्रद्धालुओं को बांट दिया गया।
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कार्यक्रम के अंतिम दिन महिलाओं और बच्चों ने बाबा के डेरे में प्रसाद, फल, फूल, दूध व घी चढ़ाकर परिवार व धन-धान्य में समृद्धि की कामना की। प्राचीन मान्यता के अनुसार रविवार को डेरे में साधु समाज के भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के अलग-अलग स्थानों से साधु समाज के लोगों ने भाग लिया। भंडारे के साथ कार्यक्रम को संपन्न किया गया।
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डेरे के महंत दूजपुरी ने बताया कि डेरे की मान्यता सैकड़ों वर्ष पुरानी है। पीढ़ी दर पीढ़ी मान्यता अनुसार श्रद्धालु यहां पूजा पाठ के लिए आते हैं। कार्यक्रम में भी लोगों ने बाबा राजपुरी के प्रति आस्था व्यक्त की। हालांकि पूजा पाठ के लिए भारी संख्या में तीसरे दिन भी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सरकार व प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का श्रद्धालुओं द्वारा पूरी तरह से पालन किया गया। उन्होंने बताया कि पूजा पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने हजारों लीटर दूध, घी व मक्खन से बाबा राजपुरी की पूजा की, जिसे साथ के साथ श्रद्धालुओं को बांट दिया गया।
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