{"_id":"63d56d22d842eb34142f2864","slug":"development-works-will-gain-momentum-in-the-house-meeting-kaithal-news-knl134412814-2023-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सदन की बैठक में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सदन की बैठक में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। दो साल तीन माह यानि कुल 27 महीने बाद जिला परिषद के सदन की बैठक आगामी सात फरवरी को होनी है। इसके बाद गलियों, नालियों, चौपालों के निर्माण कार्य को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। दो साल से ज्यादा समय से इन पर ब्रेक लगा हुआ है। हाउस बैठक के लिए सभी सदस्यों को सूचना जारी कर दी है। एजेंडे के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त राशि के वितरण पर विचार-विमर्श कर फैसला किया जाएगा। पता चला है कि पहली बैठक में ढाई करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरण पर फैसला किया जा सकता है।
गौरतलब है कि जिला परिषद में 12 अक्तूबर 2020 को पिछली बैठक तत्कालीन अध्यक्ष सुखविंद्र कौर की अध्यक्षता में हुई थी। उसमें वित्त आयोग की 3.24 करोड़, राज्य वित्त आयोग से आई 60 लाख व एससी एसटी वर्ग के लिए 30 लाख रुपये की राशि वितरण के लिए अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया था। साथ ही पांच अन्य एजेंडे पास किए थे। इसके कुछ माह बाद जिला परिषद में सीईओ को प्रशासक नियुक्त कर दिया। तभी से जिला परिषद का कार्यभार सीईओ के भरोसे था। इसके बाद 24 जनवरी को ही चुनाव के बाद जिला परिषद अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली एवं उप-प्रधान कर्मबीर कौल ने कार्यभार संभाला है। अब आगामी सात फरवरी हाउस की बैठक आयोजित किए जाने की रूपरेखा बनाई गई है।
दरअसल, दो साल से भी अधिक समय से जिला परिषद के माध्यम से होने वाले अधिकतर कार्यों पर एक तरह से ब्रेक लगा हुआ है। मुख्य रूप से गलियों, नालियों व चौपालों के निर्माण के लिए राशि जारी नहीं हो सकी हैं। नई जिला परिषद के कार्यभार संभाले जाने के बाद इन कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही जिप के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों की निगरानी भी सदस्य कर सकेंगे। नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य नेहा तंवर का कहना है कि बैठक को लेकर सूचना मिल गई है। बैठक में अपने क्षेत्र के विकास कार्य रखे जाएंगे। साथ ही उनका समाधान करवाया जाएगा।
विज्ञापन
जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश ने बताया कि जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के शपथ ग्रहण के बाद हाउस की बैठक बुलाने का नियम है। इसी के तहत सात फरवरी को हाउस की बैठक बुलाई है। जिसके लिए सभी सदस्यों को सूचना जारी कर दी है। बैठक में अध्यक्ष की अगुवाई में पार्षद फैसले ले सकते हैं।
नए सदस्य लेंगे विकास कार्यों पर फैसला
नवंबर माह में हुए चुनाव के बाद नए सदस्य अब जिले के ग्रामीण विकास संबंधी फैसले लेंगे। पिछले सप्ताह ही जिला परिषद में करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि पहुंची है। इसे पहली ही बैठक में वितरित किए जाने पर फैसला हो सकता है। इसके अलावा केंद्र व प्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी चर्चा होगी। जिला परिषद के माध्यम से मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
चार बिंदुओं पर एजेंडा जारी
विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त राशि के वितरण पर विचार-विमर्श कर फैसला होगा।
विकास कार्यों के लिए प्राक्कलन (पहले की जाने वाली गणना) किया जाएगा।
जिला परिषद सदस्य अपने क्षेत्र में विकास कार्यों एवं समस्याओं के बारे में विचार-विमर्श करेंगे।
अन्य मुद्दे अध्यक्ष की अनुमति से तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिला परिषद में 12 अक्तूबर 2020 को पिछली बैठक तत्कालीन अध्यक्ष सुखविंद्र कौर की अध्यक्षता में हुई थी। उसमें वित्त आयोग की 3.24 करोड़, राज्य वित्त आयोग से आई 60 लाख व एससी एसटी वर्ग के लिए 30 लाख रुपये की राशि वितरण के लिए अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया था। साथ ही पांच अन्य एजेंडे पास किए थे। इसके कुछ माह बाद जिला परिषद में सीईओ को प्रशासक नियुक्त कर दिया। तभी से जिला परिषद का कार्यभार सीईओ के भरोसे था। इसके बाद 24 जनवरी को ही चुनाव के बाद जिला परिषद अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली एवं उप-प्रधान कर्मबीर कौल ने कार्यभार संभाला है। अब आगामी सात फरवरी हाउस की बैठक आयोजित किए जाने की रूपरेखा बनाई गई है।
विज्ञापन
दरअसल, दो साल से भी अधिक समय से जिला परिषद के माध्यम से होने वाले अधिकतर कार्यों पर एक तरह से ब्रेक लगा हुआ है। मुख्य रूप से गलियों, नालियों व चौपालों के निर्माण के लिए राशि जारी नहीं हो सकी हैं। नई जिला परिषद के कार्यभार संभाले जाने के बाद इन कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही जिप के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों की निगरानी भी सदस्य कर सकेंगे। नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य नेहा तंवर का कहना है कि बैठक को लेकर सूचना मिल गई है। बैठक में अपने क्षेत्र के विकास कार्य रखे जाएंगे। साथ ही उनका समाधान करवाया जाएगा।
विज्ञापन
जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश ने बताया कि जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के शपथ ग्रहण के बाद हाउस की बैठक बुलाने का नियम है। इसी के तहत सात फरवरी को हाउस की बैठक बुलाई है। जिसके लिए सभी सदस्यों को सूचना जारी कर दी है। बैठक में अध्यक्ष की अगुवाई में पार्षद फैसले ले सकते हैं।
नए सदस्य लेंगे विकास कार्यों पर फैसला
नवंबर माह में हुए चुनाव के बाद नए सदस्य अब जिले के ग्रामीण विकास संबंधी फैसले लेंगे। पिछले सप्ताह ही जिला परिषद में करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि पहुंची है। इसे पहली ही बैठक में वितरित किए जाने पर फैसला हो सकता है। इसके अलावा केंद्र व प्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी चर्चा होगी। जिला परिषद के माध्यम से मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
चार बिंदुओं पर एजेंडा जारी
विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त राशि के वितरण पर विचार-विमर्श कर फैसला होगा।
विकास कार्यों के लिए प्राक्कलन (पहले की जाने वाली गणना) किया जाएगा।
जिला परिषद सदस्य अपने क्षेत्र में विकास कार्यों एवं समस्याओं के बारे में विचार-विमर्श करेंगे।
अन्य मुद्दे अध्यक्ष की अनुमति से तय किए जाएंगे।