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अच्छी भली सड़क उखाड़कर उसी मटेरियल में तारकोल मिला दोबारा बनाने का खर्च 90 लाख रुपये

ब्यूरो कैथ्ाल Updated Mon, 22 May 2017 11:50 PM IST
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दोबारा बनाई जा रही सड़क
दोबारा बनाई जा रही सड़क - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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 शहर में जींद रोड से लेकर पिहोवा चौक तक लोक निर्माण विभाग अच्छी भली सड़क की ऊपरी परत उखाड़कर उसे दोबारा से बना रहा है। आने-जाने वाले लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या जरूरत थी इस सड़क को उखाड़ने की, जिसमें गड्ढे नाम की चीज ही नहीं हैं? और तो और इसी सड़क के मटेरियल में महज तारकोल मिलाकर बनाने पर 90 लाख रुपये की भारी भरकम राशि खर्च की जा रही है। कई जगहों से सड़क पहले से ज्यादा नीची हो गई है।
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जींद रोड बाईपास चौक से लेकर पिहोवा चौक तक सड़क लगभग अच्छी भली हालत में थी। एकाध जगह किसी गड्ढे को छोड़कर सड़क में कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन पिछले सप्ताह भर से इस सड़क का पुनर्निर्माण हो रहा है। सड़क बने, कोई बड़ा परिवर्तन आए तो बात समझ में आती है। लेकिन बनाई भी उसी सड़क की तरह से ही है।


सड़क से ही उखाड़ा जा रहा है मटेरियल
सड़क की ऊपरी परत को उखाड़ने के लिए अत्याधुनिक एक मशीन है। जिसकी सहायता से मटेरियल उखाड़कर एक डंपर में एकत्रित किया जा रहा है। उसी मटेरियल को दोबारा से तैयार करके सड़क बनाई जा रही है। इस पर खर्च आ रहा है 90 लाख रुपये।

अचानक उखड़ी मिलती है सड़क, लोग हो रहे हैं हादसों का शिकार
अच्छी भली सड़क दिन में सही होती है। रात को उखाड़ी मिलती है। जिस कारण लोगों को अंदाजा भी नहीं हो पाता और वे हादसों का शिकार हो रहे हैं।

सड़क की ऊंचाई भी घटाने का अंदेशा, पानी में फिर टूटेगी सड़क
हालांकि यह तो जांच में ही खुलासा हो सकता है। लेकिन जानकार लोग बता रहे हैं कि सड़क से जितना मटेरियल उखाड़ा जा रहा है। उतना मटेरियल लगाया भी नहीं जा रहा। जिस कारण जींद रोड पर कई जगहों से सड़क पहले से नीची हो गई है। यदि यह इसी हालत में छोड़ दी गई तो बरसात में यहां पानी रुकेगा और सड़क टूट जाएगी। सड़क के किनारे लगाए गए ब्लॉक ऊंचे हो गए हैं। जिससे पानी सड़क के बीच में ही खड़ा होगा।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता से सीधी बातचीत
प्रश्न - जींद रोड से पिहोवा चौक तक सड़क अच्छी भली हालत में थी। इसे उखाड़कर फिर से क्यों बनाया जा रहा है?
इस सड़क के ऊपरी सतह की लाइफ पूरी हो गई थी। बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग के सामने सड़क की हालत काफी खराब थी। जिस कारण इसकी ऊपरी परत को फिर से बनाया जा रहा है। खराब सड़क की हमने बाकायदा सीडी बनाई हुई है।

प्रश्न - सड़क का ही मटेरियल उखाड़कर क्या उसी से दोबारा बनाई जा रही है? क्योंकि उखाड़े जाने वाले मटेरियल को ट्रक में लोड करके ले जाया जा रहा है।
 हां, इस सड़क की ऊपरी परत की महज 30 एमएम परत उखाड़कर उसमें केवल तारकोल मिलाया जा रहा है। अन्य कोई नई सामग्री नहीं मिलाई जा रही। तारकोल मिलाकर ऊपरी परत को मजबूत बनाने के लिए यह किया जा रहा है।

प्रश्न : इसी सड़क के पुराने मटेरियल में महज तारकोल मिलाकर इसे बनाने के काम पर लागत कितनी आ रही है?
उत्तर - इस काम पर 90 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जहां से सड़क पूरी तरह से बन चुकी है। वहां पुरानी व नई सड़क में फर्क जरूर नजर आ रहा होगा।

पूरे मामले में गहन जांच की जरूरत
जिस तरह से अच्छी भली सड़क को उखाड़कर बनाया जा रहा है। इस मामले में गहन जांच की आवश्यकता है। क्योंकि कई जगह से सड़क नीची हो गई है। अब यह विभाग के नियमानुसार है या नहीं। यह जांच के बाद ही पता चल सकता है।

बीच में रबड़ व आरसीसी का भी टुकड़ा
पिहोवा चौक से लेकर जींद रोड बाईपास चौक तक के टुकड़े में रेलवे ओवर ब्रिज के ऊपर का करीब सवा किलोमीटर के एरिया में रबड़ की सड़क बनी हुई है। पुल के दोनों ओर काफी दूर तक आरसीसी की सड़क है। जिस पर इस ढंग से मटेरियल नहीं लगाया जा सकता। इसलिए इस पूरे मामले की जांच के बाद ही खुलासा हो सकता है कि आखिर इस सड़क को बनाने की जरूरत क्यों पड़ी और किसके कहने पर इसका निर्माण किया गया?

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