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Kaithal News: विकसित भारत-चुनौतियां, अवसर एवं कार्ययोजना विषय पर डाला प्रकाश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2025 10:28 PM IST
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Developed India-Challenges, Opportunities and Action Plan highlighted
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय पंचकूला के तत्वावधान में अर्थशास्त्र विभाग की ओर से विकसित भारत-चुनौतियां, अवसर एवं कार्ययोजना विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
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कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने स्वागत भाषण से की व उन्होंने अर्थशास्त्र विभाग के प्रयासों की सराहना की। अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूरज वालिया ने सेमिनार विषय पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में स्टारेक्स विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मदन मोहन गोयल शामिल हुए।
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सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के नीति आयोग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मनमोहन कृष्ण ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि भारत सरकार के इसी संकल्प के कारण आज देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यदि हमें विकसित बनना है तो अपने देश की परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बनानी होंगी, जिसके लिए भारत सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है।
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इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रोफेसर मदन मोहन गोयल ने कहा कि आज का युग चुनौतियों का युग है। किसी भी बड़े कार्य को पूर्ण करते समय मनुष्य को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऑनलाइन सेमिनार के दूसरे सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की प्रोफेसर डॉ. रितु नारंग, जीजेयू हिसार के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी, तीसरे वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुमन कुमार और इकोनॉमी इंडिया के प्रधान संपादक मनोहर मनोज ने विकसित भारत के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।

सेमिनार के तकनीकी सत्र में विभिन्न प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार में 18 तकनीकी सत्र बनाए गए, जिनमें लगभग 180 शोध पत्र पढ़े गए। सेमिनार के चौथे और समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. राजकुमार मित्तल, पूर्व कुलपति, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी और वर्तमान में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रहलाद कुमार, पूर्व डीन, वाणिज्य विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज ने विकसित भारत पर अपने विचार व्यक्त किए इस अवसर पर डॉ. गीता गोयल ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 260 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन सेमिनार संयोजक डॉ. सूरज वालिया व सह-संयोजक डॉ. रितु वालिया ने किया। अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीता गोयल, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से डॉ. जितेंद्र सिंह, राजनीति विज्ञान विभाग से डॉ. सुरेंद्र आर्य, लाइब्रेरियन डॉ. नरेश कुमार, कंप्यूटर साइंस विभाग से डॉ. मतीश, डॉ. अंकित, अर्थशास्त्र विभाग से डिंकी खुराना, नीलम भाटिया ने इस सेमिनार को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. सत्यबीर महला, श्रीओम, डॉ. जयबीर धारीवाल, डॉ. राजेश, डॉ. मंजुला गोयल, डॉ. सुरुचि शर्मा, अजय शर्मा व अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। गैर-शिक्षण विभाग की ओर से जयदेव शर्मा, बलवान सैनी, सुरजीत, रवि ने सेमिनार को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
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