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Kaithal News: बादल छाए रहने के बावजूद उमस ने छुड़ाए लोगों के पसीने
Sun, 30 Aug 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:46 AM IST
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शहर में दोपहर के समय निकली धूप। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में मौसम के बदले मिजाज और हवा में बढ़ी नमी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। आसमान में बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद उमस ने लोगों के पसीने छुड़ाए। वातावरण में 63 प्रतिशत तक पहुंची उमस (आर्द्रता) के कारण लोग चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं।
पंखे और कूलर भी इस उमस के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। हालांकि, दिनभर 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत देने की कोशिश की, लेकिन हवा में नमी का स्तर इतना अधिक था कि उमस भरी गर्मी से कोई खास निजात नहीं मिल सकी। दोपहर के समय धूप और उमस के घालमेल ने कामकाजी लोगों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशान किया।
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मौसम बदलते ही अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी
मौसम में अचानक आए इस बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। उमस और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण नागरिक अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में मरीजों की भारी भीड़ दिख् रही है। सरकारी अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में अचानक 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पेट दर्द और त्वचा पर एलर्जी से पीड़ितों की है। डॉक्टरों के केबिन के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं। डॉक्टर जितेंद्र गिल का कहना है कि इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
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कैथल। जिले में मौसम के बदले मिजाज और हवा में बढ़ी नमी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। आसमान में बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद उमस ने लोगों के पसीने छुड़ाए। वातावरण में 63 प्रतिशत तक पहुंची उमस (आर्द्रता) के कारण लोग चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं।
पंखे और कूलर भी इस उमस के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। हालांकि, दिनभर 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत देने की कोशिश की, लेकिन हवा में नमी का स्तर इतना अधिक था कि उमस भरी गर्मी से कोई खास निजात नहीं मिल सकी। दोपहर के समय धूप और उमस के घालमेल ने कामकाजी लोगों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशान किया।
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मौसम बदलते ही अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी
मौसम में अचानक आए इस बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। उमस और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण नागरिक अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में मरीजों की भारी भीड़ दिख् रही है। सरकारी अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में अचानक 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पेट दर्द और त्वचा पर एलर्जी से पीड़ितों की है। डॉक्टरों के केबिन के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं। डॉक्टर जितेंद्र गिल का कहना है कि इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
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