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Kaithal News: नाराज वकीलों का प्रदर्शन
Tue, 16 Jul 2024 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 16 Jul 2024 03:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नए कानून के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम डीसी प्रशांत पंवार को एक ज्ञापन भी सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे सरकार और राष्ट्रपति से आह्वान करते हैं जो तीन नए कानून लागू किए हैं। उन्हें जल्द ही वापस लिया जाए। जो पहले से ही कानून लागू हैं, उनहें लागू रखा जाए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों में अनेक खामियां है और इससे न्यायपालिका की शक्तियां कम हुई है जबकि पुलिस की शक्तियां बढ़ गई हैं। इस कारण इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा और इसमें आम जनमानस सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। अधिवक्ता पीएल भारद्वाज ने बताया कि पहले के कानून में अगर कोई आरोपी होता था तो उसे भी कुछ सुविधाएं कानून द्वारा दी जाती हैं। इनमें गिरफ्तारी पर उसके परिजनों को सूचना देना। 14 दिन की न्यायिक हिरासत या रिमांड था परंतु नए कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है | उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत कोई भी पुलिस अधिकारी किसी को भी जब चाहे गिरफ्तार कर सकती है।
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कैथल। नए कानून के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम डीसी प्रशांत पंवार को एक ज्ञापन भी सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे सरकार और राष्ट्रपति से आह्वान करते हैं जो तीन नए कानून लागू किए हैं। उन्हें जल्द ही वापस लिया जाए। जो पहले से ही कानून लागू हैं, उनहें लागू रखा जाए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों में अनेक खामियां है और इससे न्यायपालिका की शक्तियां कम हुई है जबकि पुलिस की शक्तियां बढ़ गई हैं। इस कारण इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा और इसमें आम जनमानस सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। अधिवक्ता पीएल भारद्वाज ने बताया कि पहले के कानून में अगर कोई आरोपी होता था तो उसे भी कुछ सुविधाएं कानून द्वारा दी जाती हैं। इनमें गिरफ्तारी पर उसके परिजनों को सूचना देना। 14 दिन की न्यायिक हिरासत या रिमांड था परंतु नए कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है | उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत कोई भी पुलिस अधिकारी किसी को भी जब चाहे गिरफ्तार कर सकती है।
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