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खेड़ी दाबन में कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन
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04-गुहला चीका। एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए खेड़ी दाबन के ग्रामीण
- फोटो : Kaithal
गुहला-चीका। गांव खेड़ी दाबन में बुधवार को प्रशासन की ओर से मकान गिरवाए जाने के मामले में लोगों ने वीरवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने गुहला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया। विरोध प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन उगराहां एकता ने भी समर्थन दिया।
किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कंवरजीत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुहला प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए दाबन खेड़ी के सेवा सिंह का मकान तोड़ा है। उन्होंने कहा कि गुहला प्रशासन स्वयं मानता है कि सेवा सिंह पर एनडीपीसी एक्ट के तहत दर्ज मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। अभी तक उसे किसी भी केस में सजा नहीं हुई है। इसके बावजूद सेवा सिंह पर नशा बेचकर कोठी बनाने का आरोप लगाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम लोगों को मकान बनाकर देना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों के हाथों से रोटी और सर से छत छीनने का काम कर रही है।
किसान यूनियन के प्रदेश कमेटी सदस्य चरणजीत कौर ने कहा कि नशा बेचना किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन गुहला प्रशासन ने बुधवार को खेड़ी दाबन में जिस प्रकार की कार्रवाई की है, वह उचित नहीं है। प्रदर्शन में शेर सिंह वडै़च, सेवा सिंह, हरप्रीत सिंह, मलकीत सिंह, निर्मल सिंह, स्वर्ण सिंह, हरजीत सिंह, बलविंद्र सिंह, जसपाल सिंह, सिंदर सिंह, गुरदीप सिंह स्यू माजरा, कण्रजीत सिंह, करनैल सिंह, रतन सिंह, गुरबक्स सिंह, भगवान सिंह, जरनैल सिंह, महल सिंह, सरदूल सिंह, चरणजीत कौर, मतलेश कौर, सुखविंद्र कौर, रघबीर कौर, सतविंद्र कौर, बलविंद्र कौर आदि लोग मौजूद रहे।
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आरोपी बोला-किसी मामले में नहीं है दोषसिद्ध
नशा तस्करी के आरोपी सेवा सिंह ने कहा कि बेशक उसके ऊपर एनडीपीसी एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन आज तक एक भी मामले में उसे दोषी नहीं ठहराया गया है। उसके गांव में सेवा सिंह नाम के आधा दर्जन लोग रहते हैं। प्रशासन कार्रवाई के दौरान दोषी के साथ उसके पिता का नाम नहीं लिखता। सेवा सिंह ने बताया कि पिछले दिनों गांव के ही एक सेवा सिंह नाम के व्यक्ति को किसी मामले में सजा हो गई, उस केस में उसका भी नाम जोड़ दिया। उसे केस से छुटकारा पाने के लिए हाईकोर्ट से फैसले की नकल निकलवानी पड़ी थी। उसे अपने पिता से तीन एकड़ जमीन विरासत में मिली थी, जो आज घटकर केवल पांच कनाल रह गई है। यदि वह नशा बेचता तो कई एकड़ जमीन का मालिक होता। उसने कहा कि वह इस मामले में कोर्ट से भी गुहार लगाएंगे।
वहीं गुहला अदालत में प्रैक्टिस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तारा सिंह संधू ने कहा कि खेड़ी दाबन के सेवा सिंह पर साल 1978 में दर्ज हुए मामले को नए नए मामलों साथ जोड़कर मकान ढहाने की कार्रवाई की गई है, जो गैर कानूनी है।
एसपी बोले-कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने की कार्रवाई
एसपी मकसूद अहमद का कहना है कि पंचायत की जमीन पर कब्जा करने के मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद थी, लेकिन मौके पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया था, जिस कारण पुलिस को भी लाठियां भांजनी पड़ी थी।
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किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कंवरजीत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुहला प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए दाबन खेड़ी के सेवा सिंह का मकान तोड़ा है। उन्होंने कहा कि गुहला प्रशासन स्वयं मानता है कि सेवा सिंह पर एनडीपीसी एक्ट के तहत दर्ज मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। अभी तक उसे किसी भी केस में सजा नहीं हुई है। इसके बावजूद सेवा सिंह पर नशा बेचकर कोठी बनाने का आरोप लगाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम लोगों को मकान बनाकर देना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों के हाथों से रोटी और सर से छत छीनने का काम कर रही है।
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किसान यूनियन के प्रदेश कमेटी सदस्य चरणजीत कौर ने कहा कि नशा बेचना किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन गुहला प्रशासन ने बुधवार को खेड़ी दाबन में जिस प्रकार की कार्रवाई की है, वह उचित नहीं है। प्रदर्शन में शेर सिंह वडै़च, सेवा सिंह, हरप्रीत सिंह, मलकीत सिंह, निर्मल सिंह, स्वर्ण सिंह, हरजीत सिंह, बलविंद्र सिंह, जसपाल सिंह, सिंदर सिंह, गुरदीप सिंह स्यू माजरा, कण्रजीत सिंह, करनैल सिंह, रतन सिंह, गुरबक्स सिंह, भगवान सिंह, जरनैल सिंह, महल सिंह, सरदूल सिंह, चरणजीत कौर, मतलेश कौर, सुखविंद्र कौर, रघबीर कौर, सतविंद्र कौर, बलविंद्र कौर आदि लोग मौजूद रहे।
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आरोपी बोला-किसी मामले में नहीं है दोषसिद्ध
नशा तस्करी के आरोपी सेवा सिंह ने कहा कि बेशक उसके ऊपर एनडीपीसी एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन आज तक एक भी मामले में उसे दोषी नहीं ठहराया गया है। उसके गांव में सेवा सिंह नाम के आधा दर्जन लोग रहते हैं। प्रशासन कार्रवाई के दौरान दोषी के साथ उसके पिता का नाम नहीं लिखता। सेवा सिंह ने बताया कि पिछले दिनों गांव के ही एक सेवा सिंह नाम के व्यक्ति को किसी मामले में सजा हो गई, उस केस में उसका भी नाम जोड़ दिया। उसे केस से छुटकारा पाने के लिए हाईकोर्ट से फैसले की नकल निकलवानी पड़ी थी। उसे अपने पिता से तीन एकड़ जमीन विरासत में मिली थी, जो आज घटकर केवल पांच कनाल रह गई है। यदि वह नशा बेचता तो कई एकड़ जमीन का मालिक होता। उसने कहा कि वह इस मामले में कोर्ट से भी गुहार लगाएंगे।
वहीं गुहला अदालत में प्रैक्टिस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तारा सिंह संधू ने कहा कि खेड़ी दाबन के सेवा सिंह पर साल 1978 में दर्ज हुए मामले को नए नए मामलों साथ जोड़कर मकान ढहाने की कार्रवाई की गई है, जो गैर कानूनी है।
एसपी बोले-कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने की कार्रवाई
एसपी मकसूद अहमद का कहना है कि पंचायत की जमीन पर कब्जा करने के मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद थी, लेकिन मौके पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया था, जिस कारण पुलिस को भी लाठियां भांजनी पड़ी थी।