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आने वाले समय में जाति प्रमाण पत्र अलग से बनवाने की नहीं होगी आवश्यकता 17-30-06
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नसीब सैनी
कैथल। सरकार द्वारा बनाए जा रहे परिवार पहचान पत्र में दर्ज करवाई जा रही जाति की तस्दीक पटवारियों से करवाई जाएगी। पटवारी गांव के सरपंच, नंबरदार व चौकीदार की मदद से यह काम करेंगे। वे तस्दीक के बाद स्थाई तौर पर परिवार पहचान पत्र में दिया गया जाति का विवरण ही जाति प्रमाण पत्र का काम करेगा। जिससे भविष्य में जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके लिए लघु सचिवालय में पटवारियों को ट्रेनिंग भी दी गई। जिसमें मास्टर ट्रेनर नवीन बंसल ने कलायत, राजौंद, पूंडरी, गुहला, ढांड, सीवन व कैथल के पटवारियों को शिफ्ट वाइज परिवार पहचान पत्र वेरिफिकेशन कार्य की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता, डीआईओ दीपक खुराना, प्लानिंग अधिकारी बिजेंद्र सिंह के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी व पटवारी मौजूद रहे। एडीसी सतबीर सिंह कुंडू ने बताया कि जिस जाति के लिए सरकार द्वारा जिस भी विभाग में योजना चलाई जाएगी, उस विभाग में वह डाटा अपडेट हो जाएगा। पटवारियों को 28 फरवरी तक का समय दिया गया है।
अभी तक विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील कार्यालय द्वारा वेरिफिकेशन के बाद ई-दिशा केंद्र या सीएचसी से जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाता है। जिसके लिए पहले सरपंच के हस्ताक्षर करवाकर पटवारी से तस्दीक करवानी पड़ती है। इसके बाद ई-दिशा केंद्र या सीएचसी पर जाकर यह प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है। लेकिन अब सरकार द्वारा इसके लिए स्थाई व्यवस्था की जा रही है। जिसमें परिवार पहचान पत्र में ही जाति की इंटरी कर दी जाएगी। इसके बाद आजीवन यह दस्तावेज बन जाएगा। जहां भी जाति आधारित वेरिफिकेशन की आवश्यकता पड़ेगी, वहां परिवार पहचान पत्र की प्रति देकर काम चल जाएगा। पटवारी सरपंच, नंबरदार व चौकीदार के साथ मिलकर यह काम पूरा करेगा।
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कैथल। सरकार द्वारा बनाए जा रहे परिवार पहचान पत्र में दर्ज करवाई जा रही जाति की तस्दीक पटवारियों से करवाई जाएगी। पटवारी गांव के सरपंच, नंबरदार व चौकीदार की मदद से यह काम करेंगे। वे तस्दीक के बाद स्थाई तौर पर परिवार पहचान पत्र में दिया गया जाति का विवरण ही जाति प्रमाण पत्र का काम करेगा। जिससे भविष्य में जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके लिए लघु सचिवालय में पटवारियों को ट्रेनिंग भी दी गई। जिसमें मास्टर ट्रेनर नवीन बंसल ने कलायत, राजौंद, पूंडरी, गुहला, ढांड, सीवन व कैथल के पटवारियों को शिफ्ट वाइज परिवार पहचान पत्र वेरिफिकेशन कार्य की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता, डीआईओ दीपक खुराना, प्लानिंग अधिकारी बिजेंद्र सिंह के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी व पटवारी मौजूद रहे। एडीसी सतबीर सिंह कुंडू ने बताया कि जिस जाति के लिए सरकार द्वारा जिस भी विभाग में योजना चलाई जाएगी, उस विभाग में वह डाटा अपडेट हो जाएगा। पटवारियों को 28 फरवरी तक का समय दिया गया है।
अभी तक विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील कार्यालय द्वारा वेरिफिकेशन के बाद ई-दिशा केंद्र या सीएचसी से जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाता है। जिसके लिए पहले सरपंच के हस्ताक्षर करवाकर पटवारी से तस्दीक करवानी पड़ती है। इसके बाद ई-दिशा केंद्र या सीएचसी पर जाकर यह प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है। लेकिन अब सरकार द्वारा इसके लिए स्थाई व्यवस्था की जा रही है। जिसमें परिवार पहचान पत्र में ही जाति की इंटरी कर दी जाएगी। इसके बाद आजीवन यह दस्तावेज बन जाएगा। जहां भी जाति आधारित वेरिफिकेशन की आवश्यकता पड़ेगी, वहां परिवार पहचान पत्र की प्रति देकर काम चल जाएगा। पटवारी सरपंच, नंबरदार व चौकीदार के साथ मिलकर यह काम पूरा करेगा।
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