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आरबीआई द्वारा नई शर्त को हटाने पर मिली राहत
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:37 AM IST
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नकदी नहीं मिलने से लोग रहे परेशान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आरबीआई द्वारा लगाई गई शर्त को वापिस लिए जाने के बाद बैंकों में रुपये जमा करवाने आए लोगों को वीरवार को राहत मिली। जिन लोगों ने पांच हजार रुपये से अधिक रुपये जमा करवाए उन्हें बैंक में किसी भी प्रकार से कोई कारण नहीं बताना पड़ा। हालांकि बैंको में पेशन लेने आए बुर्जुगों को अन्य लोगों को बैंको में रुपयों के घंटो तक मशक्कत करनी पड़ी। जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। लेकिन जमा करवाने आए लोगों को बैंको में राहत मिली। वीरवार को जिला में पुराने नोटों के 15 करोड़ रुपये जमा किये गये। जबकि 12 करोड़ नई करेंसी आई। 15 करोड रुपये ही लोगों को बाटें गए।
शहर के अंबाला रोड स्थित पीएनबी मेन ब्रांच, एक्सिस, यूनियन, ओबीसी, इलाहबाद, कारोपोरेशन, करनाल रोड पर स्थित एचडीएफसी, ढांड रोड पर स्थित सिंडीकेट व जींद रोड पर स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यूनियन बैंक के बाहर पेशन लेने आए बुर्जुगों को अधिक भीड़ होने के कारण लाइन में ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
एक सप्ताह से नहीं मिले रुपये
अंबाला रोड स्थित ओबीसी बैंक में रुपये लेने आए गांव काकौतवासी नाथा राम ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से आ रहा है। लेकिन रुपये नहीं मिले। उसने बताया कि वह किसान है। उसे फसल की खाद खरीदने के लिए रुपयो की जरुरत हैं। लेकिन बैंक वाले उसे दो हजार रुपये से अधिक नहीं मिले। जबकि उसे 10 हजार रुपये चाहिए। बैंक वाले अपनी मनमर्जी कर रहे। लेकिन किसी जरुरतमंद को जरुरत के अनुसार रुपये नहीं दे रहे।
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गांव गुहणावासी नरेंद्रपाल ने कहा कि उसे एनआईसी बीमा की किस्त भरनी है। ओबीसी बैंक के खाते में रुपये है। बीमा कंपनी वालों को ऑनलाइन पेंमेट करने के लिए कहा। लेकिन वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं कर रहे है। इसलिए बैंक से रुपये निकलवाने के लिए आया। तीन दिन से आ रहा हूं। परसों रुपये खत्म हो गए थे। कल बैंक वालों ने बुर्जुगों को पेंशन दी। आज नंबर आया तो बैंक वालों ने दो हजार से अधिक रुपये देने से मना कर दिया। काफी परेशानी हो रही है।
कैश के लिए घंटों करनी पड़ रही है इंतजार
बैंकों में नकदी की समस्या बनी हुई है। वीरवार सुबह भी बैंक खुलने से पहले ही कैश लेने वाले महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतार लग गई। लोगों का कहना था कि उन लोगों को 2-2 हजार के लिए घंटों लाइन में कैश मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां ओबीसी और एचडीएफसी जैसे कई बैंक है जो 24 हजार की एकमुश्त राशि तो देना दूर की बात 10 हजार तक की राशि भी नहीं दे रहे। गत दिवस केवल 4 हजार प्रति व्यक्ति ही राशि बैंक द्वारा दी गई वहीं आज इसे बढ़ाकर 6 हजार किया गया। ओबीसी प्रबंधक हवा सिंह ने बताया कि जिस प्रकार से उन्हें कैश मिल रहा है उसी अनुसार लोगों की संख्या को ध्यान में रखकर कैश का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जलदी ही कैश ज्यादा मिलना शुरू हो सकता है।
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शहर के अंबाला रोड स्थित पीएनबी मेन ब्रांच, एक्सिस, यूनियन, ओबीसी, इलाहबाद, कारोपोरेशन, करनाल रोड पर स्थित एचडीएफसी, ढांड रोड पर स्थित सिंडीकेट व जींद रोड पर स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यूनियन बैंक के बाहर पेशन लेने आए बुर्जुगों को अधिक भीड़ होने के कारण लाइन में ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
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एक सप्ताह से नहीं मिले रुपये
अंबाला रोड स्थित ओबीसी बैंक में रुपये लेने आए गांव काकौतवासी नाथा राम ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से आ रहा है। लेकिन रुपये नहीं मिले। उसने बताया कि वह किसान है। उसे फसल की खाद खरीदने के लिए रुपयो की जरुरत हैं। लेकिन बैंक वाले उसे दो हजार रुपये से अधिक नहीं मिले। जबकि उसे 10 हजार रुपये चाहिए। बैंक वाले अपनी मनमर्जी कर रहे। लेकिन किसी जरुरतमंद को जरुरत के अनुसार रुपये नहीं दे रहे।
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गांव गुहणावासी नरेंद्रपाल ने कहा कि उसे एनआईसी बीमा की किस्त भरनी है। ओबीसी बैंक के खाते में रुपये है। बीमा कंपनी वालों को ऑनलाइन पेंमेट करने के लिए कहा। लेकिन वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं कर रहे है। इसलिए बैंक से रुपये निकलवाने के लिए आया। तीन दिन से आ रहा हूं। परसों रुपये खत्म हो गए थे। कल बैंक वालों ने बुर्जुगों को पेंशन दी। आज नंबर आया तो बैंक वालों ने दो हजार से अधिक रुपये देने से मना कर दिया। काफी परेशानी हो रही है।
कैश के लिए घंटों करनी पड़ रही है इंतजार
बैंकों में नकदी की समस्या बनी हुई है। वीरवार सुबह भी बैंक खुलने से पहले ही कैश लेने वाले महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतार लग गई। लोगों का कहना था कि उन लोगों को 2-2 हजार के लिए घंटों लाइन में कैश मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां ओबीसी और एचडीएफसी जैसे कई बैंक है जो 24 हजार की एकमुश्त राशि तो देना दूर की बात 10 हजार तक की राशि भी नहीं दे रहे। गत दिवस केवल 4 हजार प्रति व्यक्ति ही राशि बैंक द्वारा दी गई वहीं आज इसे बढ़ाकर 6 हजार किया गया। ओबीसी प्रबंधक हवा सिंह ने बताया कि जिस प्रकार से उन्हें कैश मिल रहा है उसी अनुसार लोगों की संख्या को ध्यान में रखकर कैश का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जलदी ही कैश ज्यादा मिलना शुरू हो सकता है।