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बारिश-आंधी से फसलें खेत में बिछीं, किसानों पर संकट
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जिस धान की फसल को खड़ा करने के लिए किसानों ने श्रम का पसीना व पानी की तरह पैसा बहाया था, वह तेज बरसात-तूफान में बिस्तर की भांति बिछ गई। कलायत क्षेत्र में हजारों एकड़ में धान, कपास व अन्य फसलें तहस-नहस हो गई हैं। पैदावार लेने के समय पर हुई इस तबाही ने किसानों को खून के आंसू रुला दिया है। जहां तक नजर जाती है, वहां तक केवल और केवल नष्ट हुई फसलें दिखाई देती हैं। इस मंजर ने धरती पुत्रों के माथे पर चिंता की लकीर गहरी कर दी हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी की मांग को लेकर कलायत क्षेत्र के शहर कलायत, कौलेखां, दुब्बल, कुराड़, खेड़ी लांबा और ढुंढवा गांव के किसानों ने कलायत नायब तहसीलदार हरदेव सिंह को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम कार्यालय पहुंचेे कृष्ण, बलजीत, निहाल सिंह, अशोक, गुलाब सिंह, शीशपाल, शमशेर, धर्मपाल, रामचंद्र, रणधीर, सुरेंद्र कुमार, सुनील राणा, रामनिवास, दिलबाग पुरी, वीरेंद्र सिंह, कुलदीप, सतीश राणा, दिलावर सिंह, अमित, भूरू राम, ओमप्रकाश व अन्य किसानों ने कहा कि सोमवार की रात हुई तेज बरसात-तूफान के कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। इससे उन्हें भारी क्षति हुई है। इसके मद्देनजर सरकार तत्काल प्रभाव से फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाए। किसानों ने शासन-प्रशासन से किसानों के नुकसान की भरपाई करने के लिए कदम उठाने के लिए फरियाद लगाई है।
सोमवार देर रात को क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा से दुखी क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों का कारवां ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर कलायत एसडीएम कार्यालय पहुंचा। किसानों का कहना था कि तेज बारिश और आंधी से धान की फसल चादर की भांति जमीन पर बिछ गई। इन परिस्थितियों में किसानों के सिर पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे जाएं तो कहां जाएं।
कलायत नायब तहसीलदार हरदेव सिंह ने कहा कि कलायत क्षेत्र के किसानों ने तेज बरसात और आंधी से खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाने का ज्ञापन सौंपा है। प्रक्रिया अनुसार इसे शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। आदेशों अनुसार आगामी कार्रवाई जमीनी सतर पर शुरू होगी। उन्होंने किसानों को सरकार की नीति के अनुसार हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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सोमवार देर रात को क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा से दुखी क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों का कारवां ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर कलायत एसडीएम कार्यालय पहुंचा। किसानों का कहना था कि तेज बारिश और आंधी से धान की फसल चादर की भांति जमीन पर बिछ गई। इन परिस्थितियों में किसानों के सिर पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे जाएं तो कहां जाएं।
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कलायत नायब तहसीलदार हरदेव सिंह ने कहा कि कलायत क्षेत्र के किसानों ने तेज बरसात और आंधी से खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाने का ज्ञापन सौंपा है। प्रक्रिया अनुसार इसे शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। आदेशों अनुसार आगामी कार्रवाई जमीनी सतर पर शुरू होगी। उन्होंने किसानों को सरकार की नीति के अनुसार हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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